डोईवाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य पर दुर्व्यवहार के विरोध में दो घंटे का मौन उपवास रखा। कार्यकर्ताओं ने धर्म, संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया।

डोईवाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
Dehradun: धर्मनगरी प्रयागराज में जगद्गुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में आज डोईवाला स्थित महादेव मंदिर प्रांगण, नागल ज्वालापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने दो घंटे का मौन उपवास रखा। इस मौन उपवास के माध्यम से उन्होंने न केवल संत समाज के प्रति सम्मान का संदेश दिया, बल्कि सनातन संस्कृति, धार्मिक गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प भी दोहराया।
इस कार्यक्रम का आयोजन डोईवाला से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी व ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी के संयोजन में किया गया। गौरव चौधरी ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य जैसे पूज्य संत के साथ दुर्व्यवहार केवल किसी व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार की घटनाओं का पुरजोर विरोध करती है और समाज में सौहार्द व सम्मान की भावना बनाए रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि संत समाज का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मौन उपवास हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस घटना पर संवेदनशीलता दिखाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
जगद्गुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद
कार्यक्रम में डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी, परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, उमेद बोरा, रफल सिंह, वीरेंद्र थापा, जितेंद्र कुमार, सुनील दत्त, राजेन्द्र उपाध्याय, योगराज चंद्र बोरा, माधोसिंह, धर्मेन्द्र मुंमगाई, धर्मेन्द्र बिष्ट, धन सिंह बोरा, अर्जुन लोधी, अंकित कुमार, विशाल कुमार, राहुल कुमार, आकाश कुमार, चंदर बोरा, राजपाल लोधी, युवराज सहित भारी संख्या में क्षेत्रवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी धर्म, संस्कृति और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज में सम्मान और सौहार्द का संदेश फैलाना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।