
सीएम आवास को निकलते कांग्रेस कार्यकर्ता
Dehradun: प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को UKSSSC स्नातक स्तर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पार्टी मुख्यालय में जुटे कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास के लिए कूच की शुरुआत की और उच्चायुक्त कार्यालय तक मार्च किया लेकिन पुलिस ने कांग्रेस को हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने 'पेपर चोर गद्दी छोड़' जैसे नारे लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया। इस दौरान उनकी मांग रही कि इस घोटाले की जाँच हाई कोर्ट सिटिंग जज के मार्गदर्शन में CBI द्वारा की जाए।
सीएम आवास कूच करते कांग्रेस कार्यकर्ता
प्रदेश कांग्रेस ने साफ शब्दों में कहा कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं — UKSSSC अध्यक्ष की तत्काल बर्खास्तगी, परीक्षा की रद्दीकरण, और नई तिथियों की शीघ्र घोषणा भी आवश्यक हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सीएम आवास जाने से रोकती पुलिस
दरअसल यह आंदोलन एक लंबे समय से बढ़ते असंतोष का नतीजा है। 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा को लेकर पहले ही तीन पेज परीक्षा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिससे विवाद खड़ा हुआ। आपराधिक आरोपों में मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया शामिल हैं, जिन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।
सरकार का रुख भी साफ है। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और CBI जांच की सिफारिश करने का भरोसा दिलाया। वहीं, SIT जांच भी जारी है, जिसमें हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी बताई जाती है। अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि परीक्षा में संदिग्ध कोचिंग और अभ्यर्थी-लिंकर्स की भूमिका रही है, और सरकार ‘नकल जिहाद’ शब्द का उपयोग कर इसे आपराधिक साजिश की संज्ञा दे चुकी है।
प्रदर्शन आज तो शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हरीश रावत का कहना है कि बेरोजगारों का धरना भले ही स्थगित हो गया हो, लेकिन जनता के बीच अब भी पेपर लीक मामले को लेकर व्याप्त आक्रोश है। लोगों में इस बात का गुस्सा है कि परीक्षाओं को जानबूझकर टाला जा रहा है। जिस परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ, उस परीक्षा को भी कानून व्यवस्था का बहाना बनाकर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने टाल दिया।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान का कहना है कि कांग्रेस परेशान और बौखलाई हुई है। क्योंकि अब उनके पास न तो कोई मुद्दा बचा है और न ही युवाओं को गुमराह करने का मौका। असलियत यह है कि कांग्रेस को आंदोलन करने के बजाय अपने कार्यकाल में हुए भर्ती घोटालों, घपलों और सरकारी नौकरियों की खरीद-फरोख्त के लिए प्रायश्चित करना चाहिए। उन्हें 'प्रायश्चित यात्रा' निकालनी चाहिए और उसी के लिए धरने-प्रदर्शन करने चाहिए।
मनवीर चौहान का कहना है कि कांग्रेस को अभी सिर्फ केवल 2027 नजर आ रहा है। उन्हें प्रदेश के किसी भी मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है।
Location : Dehradun
Published : 3 October 2025, 6:47 PM IST