
बदरीनाथ-केदारनाथ में भक्तों की भारी भीड़ (Img- Internet)
Rudraprayag: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC ) के अनुसार, 30 मई तक केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में कुल 17.51 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु भगवान केदारनाथ और भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि अब तक 10,00,497 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। वहीं, 7,51,283 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम में दर्शन कर पूजा-अर्चना की है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा चारधाम यात्रा के प्रति लोगों की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता है। यात्रा के शुरुआती चरण में ही इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा का सफल संचालन किया जा रहा है। शासन, प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार मजबूत की जा रही हैं।
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उन्होंने बताया कि खराब मौसम के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा केदारनाथ यात्रा को कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से रोका जाता है। हालांकि, मौसम सामान्य होते ही यात्रा को फिर से शुरू कर दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पर कोई स्थायी रोक नहीं लगाई गई है और सभी निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने हाल ही में 29 और 30 मई को केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन और प्रभावी समन्वय के कारण यात्रा व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित हो रही है।
हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खराब मौसम की स्थिति में निर्धारित पड़ावों पर रुकें और प्रशासन की सलाह के अनुसार ही आगे की यात्रा करें। इससे यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहेगी।
Location : Rudraprayag
Published : 1 June 2026, 3:19 PM IST