नैनीताल की भीड़भाड़ से दूर सरिताताल पहाड़ियों की शांति और प्राकृतिक सुकून का अनोखा अनुभव देता है। शांत वादियों, बोटिंग, जिप लाइन और मन को छू लेने वाले नज़ारों के बीच यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श ठिकाना बन चुका है।

सरिताताल
Nainital: नैनीताल हमेशा से ही अपने शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। झीलों से घिरा यह शहर हर मौसम में सैलानियों का स्वागत करता है। यहां आने वाले लोग पहाड़ों की ताज़गी और झीलों की नमी में खोकर अपनी थकान उतार देते हैं। लेकिन शहर की हलचल से ज़रा दूर, एक ऐसी जगह भी है जहां पहुंचकर लगता है जैसे वक़्त थम गया हो। यह जगह है सरिताताल, जो अब प्रकृति के करीब कुछ पल बिताने की चाह रखने वालों की पसंदीदा मंज़िल बनता जा रहा है।
पहाड़ियों के बीच छिपा
शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर कालाढूंगी रोड के मोड़ पर यह छोटा सा ताल शांत पहाड़ियों के बीच छिपा दिखाई देता है। कभी इसे सरियाताल कहा जाता था, पर वक्त के साथ इसका नाम बदलकर सरिताताल हो गया। पेड़ों की कतारों और ऊंचे नीचे पहाड़ों से घिरी यह जगह किसी चित्रकारी के पन्ने जैसी लगती है। यहां बहती हल्की हवा और पानी की चुप्पी मन को तुरंत एक अलग सुकून दे देती है।
सरिताताल सिर्फ देखने भर की जगह नहीं है। यहां पहुंचकर लोग पानी में पैडल बोट चलाते हैं, बच्चे वाटर रोलर में खिलखिलाते हैं और जिप लाइन का रोमांच लेने वाले हर उम्र के लोग मिल जाते हैं। मौसम चाहे जैसा भी हो, ताल के किनारे गर्मागरम पकौड़ी, चाय, मैगी और भुट्टा इस यात्रा को और ज्यादा यादगार बना देते हैं। खास बात यह है कि यहां वाहन खड़े करने में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आती।
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सरिताताल तक पहुंचने का आसान रास्ता
नैनीताल से यहां तक पहुंचना बिल्कुल सरल है। टैक्सी की सुविधा आसानी से मिल जाती है। कई लोग स्कूटी या बाइक किराए पर लेकर इस रास्ते की खूबसूरती को महसूस करते हुए ताल तक पहुंचते हैं। निजी वाहन से आने वालों के लिए रास्ते साफ और सुगम हैं, इसलिए परिवार के साथ भी आसानी से यहां आया जा सकता है।
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सरिताताल में मिलने वाला अनुभव
जिप लाइन की उड़ान लगभग छह सौ रुपये में मिलती है, जो हर किसी को रोमांच का अलग एहसास देती है। बच्चे व बड़े दोनों ही वाटर रोलर में खूब मज़ा लेते हैं, जिसमें बच्चों का किराया करीब डेढ़ सौ और बड़े लोगों का दो सौ रुपये के आसपास होता है। इसके अलावा पैडल बोट से ताल का चक्कर लगाना यहां आने वालों की पसंद बन गया है, जिसका शुल्क दो सौ से तीन सौ रुपये तक रहता है। प्रकृति में खो जाने, सांसों में ताज़गी भरने और कुछ पल खुद के साथ बिताने के लिए सरिताताल अब उन जगहों में शामिल हो चुका है, जहां हर आगंतुक अपनी एक छोटी, खूबसूरत याद छोड़कर जाता है।