कैंची धाम जाने से पहले जान लें यह जरूरी बात, क्या लेकर लौटते हैं भक्त

नैनीताल  की शांत पहाड़ियों के बीच स्थित कैंची धाम उन दुर्लभ जगहों में से है, जहां पहुंचते ही मन अपने आप शांत हो जाता है। यहां का वातावरण इतना दिव्य है कि श्रद्धालु अक्सर कहते हैं जैसे ही धाम की चौखट पार की, भीतर एक अनकही ऊर्जा भर गई।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 11 April 2026, 3:50 PM IST

Nainital: नैनीताल की शांत पहाड़ियों के बीच स्थित कैंची धाम उन दुर्लभ जगहों में से है, जहां पहुंचते ही मन अपने आप शांत हो जाता है। यहां का वातावरण इतना दिव्य है कि श्रद्धालु अक्सर कहते हैं जैसे ही धाम की चौखट पार की, भीतर एक अनकही ऊर्जा भर गई। महाराज जी की कृपा का एहसास इस तरह होता है कि मानो मन की थकान पलक झपकते ही मिट गई हो।

कौन सी चीजें मानी जाती है शुभ

कैंची धाम आने वाले भक्तों के मन में हमेशा एक सवाल रहता है कि यहां से कौन सी चीजें शुभ मानी जाती हैं और क्या लेकर लौटना चाहिए। यहां चने, बेसन के लड्डू और हलवा को विशेष प्रसाद माना गया है, जिसे अर्पित करने के बाद परिवार के साथ बांटना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा कैंची धाम की पवित्र मिट्टी को भी अत्यंत दिव्य माना जाता है। लोग इसे घर में किसी पवित्र स्थान पर रखते हैं ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और घर का माहौल शांत रहे।

नैनीताल स्थित कैंची धाम पहुंचने के बाद आसपास के धार्मिक स्थलों का दर्शन करना भी लोग अपना सौभाग्य मानते हैं। यहां का हनुमान मंदिर अपनी भक्ति और शांति के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके साथ ही अल्मोड़ा जिले में काकड़ीघाट धाम एक ऐसा स्थल है, जिसका संबंध स्वामी विवेकानंद की साधना से जुड़ा माना जाता है। वहीं नैनीताल जिले का भूमियाधार का हनुमान मंदिर भी स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों के लिए आस्था का मजबूत केंद्र है।

माहौल पूरी तरह भक्ति से भर उठा

कैंची धाम की यात्रा के लिए सही समय चुनना भी बेहद जरूरी है। मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच यहां का मौसम सबसे सुहावना रहता है। इन महीनों में यात्रा आरामदायक होती है और प्राकृतिक सुंदरता भी अपने चरम पर नजर आती है। हर साल 15 जून को यहां भंडारा होता है, जब हजारों भक्त एक साथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं और माहौल पूरी तरह भक्ति से भर उठता है।

कितना होगा घूमने में खर्च 

यात्रा खर्च की बात करें तो दिल्ली से कैंची धाम पहुंचने का बजट साधारण तौर पर 1200 से 2500 रुपये तक हो सकता है। इसमें बस या ट्रेन का किराया, स्थानीय टैक्सी, भोजन और प्रसाद का खर्च शामिल रहता है। रहने और खाने के विकल्प के आधार पर खर्च बढ़ या घट सकता है।

कैसे पहुंचे कैंची धाम नैनीताल 

कैंची धाम नैनीताल और भवाली के बीच स्थित है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो लगभग 38 किलोमीटर दूर है। काठगोदाम से टैक्सी और लोकल बसें आसानी से मिल जाती हैं। इसके अलावा पंतनगर एयरपोर्ट करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से सड़क मार्ग का विकल्प भी काफी लोकप्रिय है, जिसकी कुल दूरी लगभग 320 किलोमीटर है।

कैंची धाम की यात्रा सिर्फ दर्शन नहीं बल्कि आत्मिक शांति का अनुभव भी कराती है। यही कारण है कि यहां पहुंचने वाला हर भक्त लौटते समय खुद को पहले से अधिक शांत, स्थिर और सकारात्मक महसूस करता है।

Location :  Nainital

Published :  11 April 2026, 3:50 PM IST