अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को फांसी की सजा और मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर बड़कोट में कैंडल मार्च निकाला गया। विधायक संजय डोभाल और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

बड़कोट में फूटा जनाक्रोश
Dehradun: अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग को लेकर बुधवार शाम बड़कोट नगर क्षेत्र में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। नगर के प्रमुख मार्गों पर आक्रोशित नागरिकों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिन्होंने कैंडल मार्च के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया और पीड़िता को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की।
यह विशाल कैंडल मार्च यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी नगर के इंद्र पैलेस होटल में एकत्रित हुए, जहां से हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर मार्च की शुरुआत की गई। शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ निकला यह मार्च नगर पालिका परिषद क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरा।
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “अंकिता को न्याय दो”, “दोषियों को फांसी दो” और “सीबीआई जांच कराओ” जैसे नारों के जरिए अपना आक्रोश व्यक्त किया। पूरे नगर में माहौल गंभीर और भावुक दिखाई दिया। लोगों के चेहरों पर दुख के साथ-साथ न्याय की मजबूत मांग साफ झलक रही थी।
इस मौके पर यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने कहा, “अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मामला है। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों को कठोर से कठोर सजा नहीं दी जाती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को जनता की भावना का सम्मान करते हुए मामले की तत्काल सीबीआई जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके और किसी भी स्तर पर न्याय से समझौता न हो।
कैंडल मार्च (Img- Internet)
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा, “यह कैंडल मार्च केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि न्याय के प्रति हमारी सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है। इस तरह के जघन्य अपराधों के खिलाफ पूरे समाज को एक स्वर में खड़ा होना होगा, तभी पीड़ित को इंसाफ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि बड़कोट नगर का हर नागरिक इस मांग के साथ खड़ा है कि अंकिता को जल्द से जल्द न्याय मिले और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
पूरा प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसमें शामिल लोगों का आक्रोश साफ तौर पर महसूस किया जा सकता था। मोमबत्तियों की रोशनी और नारों की गूंज ने यह संदेश दे दिया कि जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है।
इस कैंडल मार्च में बड़कोट और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में अजबीन पंवार, रविन्द्र रावत, शिव प्रसाद, अजय सिंह, मुकेश राणा, सुरेश असवाल और आनंद रावत सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान की।
अंकिता भंडारी केस में रामनगर सुलगा, कांग्रेस सड़क पर; BJP सरकार को लेकर उठे बड़े सवाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठी यह आवाज अब एक स्थानीय प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक जन आंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। बड़कोट का यह कैंडल मार्च इस बात का संकेत है कि समाज अब अपराधों के खिलाफ चुप नहीं रहेगा और न्याय के लिए लगातार दबाव बनाए रखेगा।