उत्तराखंड में जंगली जीव आए दिन लोगों पर हमले कर रहे हैं। ऋषिकेश और हरिद्वार में अक्सर हाथियों का उत्पात मचा रहता है। इस बीच एक हथिनी राज्य के पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के आवास के पास आ पहुंची। उसके कारण मुख्य मार्ग पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा।

VIP एरिया में घुसी हथिनी (प्रतीकात्मक फोटो)
Dehradun: उत्तराखंड के लोग जंगली जीवों के आतंक से भयभीत हैं। राज्य के विभिन्न भागों से आये दिन जंगली जीवों द्वारा मवेशियों और इंसानों पर हमले की खबरें आती रहती हैं। अब तक गुलदारऔर भालू जैसे खूंखार जीव कई लोगों की जानें ले चुके हैं।
राज्य के ऋषिकेश और हरिद्वार में हाथियों का उत्पात भी मचा रहता है। इस बीच वृहस्पतिवार की देर रात को ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर स्थित राज्य के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास के पास एक हथिनी ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे लोग बहुत परेशान हुए।
बताया जाता है कि हथिनी वीआईपी क्षेत्र में पहुंच गई और वहां उसने जमकर उत्पात मचाया। हथिनी मुख्य मार्ग पर कोयल घाटी तिराहे के समीप घूमती रही। देर रात को लोग सुरक्षित जगहों से उसका उत्पात देखते रहे। वीआईपी क्षेत्र में हथिनी के घुसने से लोगों की सांसें थमी रही। जब तक हथिनी वहां मौजूद रही तब तक मुख्य मार्ग का यातायात रोकना पड़ा। वन विभाग की टीम ने बड़ी मुश्किल से हथिनी को जंगल की ओर खदेड़ा। उसे खदेड़ने में विभागीय कर्मियों के पसीने छूट गये।
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बीती रात एक अन्य घटना बड़कोट रेंज की भी है। यहां रेंज से सटे चक जोगीवाला में ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल के घर में घुस आए गुलदार ने पालतू कुत्ते को निवाला बना दिया। सुबह जब घर के लोग उठे तो कुत्ते का अधखाया शरीर आंगन में पड़ा था। जिसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गयी।
घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। देहरादून वन प्रभाग की बड़कोट रेंज और राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे मशरूम फैक्ट्री मार्ग व आसपास क्षेत्र में काफी समय से गुलदार की आवाजाही बनी हुई है। वह आए दिन पालतू मवेशियों को निवाला बना रहा है, जिससे लोग दहशत में हैं।
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उत्तराखंड में 2025-2026 में जंगली जानवरों-तेंदुए, भालू और बाघ के हमले बढ़े हैं। आंकड़े बेहद डरावने हैं। वर्ष 2025 में जंगली जानवरों के हमलों से लगभग 30-40 लोगों की मौतें हुई। सिर्फ 1 जनवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच 13 लोगों की जानें गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में हर साल औसतन 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। जंगली जीवों के हिंसक हमलों के चलते राज्य के 500 से अधिक गांव दहशत में हैं।