कालाढूंगी–हल्द्वानी–रामनगर हाईवे पर बोरपुल के पास एक अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार में सवार पांच लोग घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर

हादसा
नैनीताल: कालाढूंगी से हल्द्वानी और रामनगर को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे पर गुरुवार को हादसा होते-होते टल गया। यहां बोरपुल की लोहे की संरचना के नज़दीक पहुंचते ही एक अर्टिगा कार अचानक फिसलकर अनियंत्रित हो गई और तेज आवाज के साथ रेलिंग से टकरा गई। टक्कर के झटके से वाहन पुल के मध्य भाग में उलट गया, जिससे रास्ते पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
कैसे हुआ हादसा?
घटना के समय कार में पांच लोग यात्रा कर रहे थे। हादसे की भनक लगते ही आसपास मौजूद राहगीर दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व 108 एंबुलेंस को खबर दी। पुलिस दल पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने कार की अंदरूनी सीटों में दबे सभी लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के लिए सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से कालाढूंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां आवश्यक इलाज के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
हादसा कहीं अधिक भयावह
पुलिस जानकारी के मुताबिक, खटीमा के रहने वाले ललित जोशी कार (43) चला रहे थे। उनके साथ उनकी 74 वर्षीय मां, पत्नी रश्मि जोशी (37), 12 वर्ष की बेटी अवनी और बड़ी बेटी अनुष्का (21) सफर कर रही थीं। परिवार रामनगर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम से वापस लौट रहा था। बोरपुल की लोहे की रेलिंग से टकराने के बाद गाड़ी अचानक उछली और पलटकर पुल के बीचोंबीच जा अटकी। सौभाग्य से वाहन नीचे गहरी ढलान में नहीं गिरा, नहीं तो हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक हारून पुत्र याकूब निवासी खटीमा ने अंतिम पलों में समझदारी दिखाते हुए गाड़ी को खाई की ओर जाने से रोक दिया। उनकी तेजी से संभाली गई स्टीयरिंग की वजह से कार पुल से नीचे नहीं लुढ़की और बड़ी जनहानि होने से बच गई। लोगों का कहना है कि यदि पलटी हुई कार नीचे की ओर फिसल जाती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल
स्थानीय पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में वाहन पर चालक का नियंत्रण छूटने की आशंका सामने आई है और पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है। आसपास के लोगों ने पुल क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और चेतावनी संकेत बढ़ाने की मांग भी रखी है, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।