नैनीताल में नगर पालिका और संबंधित विभाग के बीच प्रशासनिक विवाद के चलते मंगलवार को तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन की मध्यस्थता से मामला सुलझा और कामकाज दोबारा सामान्य हो गया।

विभाग आमने-सामने
Nainital: नैनीताल में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नगर पालिका और संबंधित विभाग के बीच एक लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक मसले को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कुछ देर के लिए प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता नजर आया। सुबह से ही दोनों पक्षों के बीच खींचतान बनी रही, जिससे आम लोगों में भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।
विवाद के बढ़ने पर नगर पालिका की ओर से विरोध स्वरूप कुछ प्रवेश बिंदुओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इसके साथ ही पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही भी नियंत्रित की गई। अचानक हुए इस कदम से शहर के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेटिंग की गई।
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उप जिलाधिकारी नवाजिश खलीक ने बताया कि विवाद की जड़ विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में आपसी समन्वय की कमी और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि इसी वजह से लंबे समय से लंबित मसला सुलझ नहीं पा रहा था और आखिरकार बात तनाव की स्थिति तक पहुंच गई। प्रशासन और विभाग के अधिकारी पूरे समय आपस में बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करते रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी (क्राइम) डॉ. जगदीश चंद्रा मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की। उनकी पहल पर माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ और बातचीत का रास्ता खुला। पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में आई और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हो सका।
आखिरकार नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल और विभागीय अधिकारियों के बीच आपसी बातचीत के बाद सहमति बन गई। पालिकाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भविष्य में प्रशासन और विभाग के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है ताकि किसी भी तरह की अनावश्यक देरी या टकराव से बचा जा सके।
समझौते के बाद सभी प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से फिर से शुरू कर दिए गए। उप जिलाधिकारी ने कहा कि आगे से नियमित समन्वय बैठकें होंगी। जिससे नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। पालिकाध्यक्ष ने यह भी बताया कि सभी विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो किसी भी समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित करेंगे। उनका कहना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी और सुचारू हो सकेगी।