दांतों में दर्द का इंतजार न करें! डॉक्टर ने बताई ऐसी लापरवाही, जो आगे पड़ सकती है भारी

दांत सिर्फ खूबसूरत मुस्कान का हिस्सा नहीं बल्कि शरीर की सेहत से भी जुड़े हैं। विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका साहू ने दांतों और मसूड़ों की नियमित देखभाल की सलाह दी है। दिन में दो बार ब्रश, मीठी चीजों से परहेज, तंबाकू से दूरी और हर छह महीने में डेंटल चेकअप से कैविटी, पायरिया और दांतों की गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 August 2026, 4:37 PM IST
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Sultanpur: अक्सर लोग दांतों को सिर्फ मुस्कान और चेहरे की खूबसूरती से जोड़कर देखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दांत और मसूड़े आपकी पूरी सेहत से जुड़े हुए हैं? दांतों में दर्द होने तक इंतजार करना कई बार भारी पड़ सकता है। शुरुआती दौर में नजरअंदाज की गई छोटी सी कैविटी बाद में बड़ी समस्या बन सकती है और कई मामलों में रूट कैनाल या दांत निकलवाने तक की नौबत आ सकती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर, डेंटल सर्जन और मुख स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका साहू (कोटिया) ने लोगों को दांतों और मसूड़ों की नियमित देखभाल करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि मुंह की सेहत खराब होने का असर केवल मुंह तक सीमित नहीं रहता।

शरीर पर भी पड़ सकता असर

डॉ. प्रियंका साहू के मुताबिक मसूड़ों में होने वाला संक्रमण यानी पायरिया सिर्फ मुंह की समस्या नहीं है। खराब ओरल हाइजीन और मसूड़ों की बीमारी को शरीर के अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से भी जोड़ा जाता है। यही वजह है कि दांतों और मसूड़ों की समस्या को सिर्फ दंत समस्या मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। दांत खराब होने पर खाना ठीक से चबाने में भी परेशानी होने लगती है। जब भोजन अच्छी तरह नहीं चबता तो पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में मुंह की सेहत का सीधा असर हमारे खान-पान और जीवनशैली पर भी पड़ सकता है।

मीठी और चिपचिपी चीजों से बढ़ता कैविटी का खतरा

आजकल बच्चों से लेकर बड़े तक चॉकलेट, टॉफी, मीठे पेय और कोल्ड ड्रिंक का काफी सेवन करते हैं। इसके अलावा मैदे से बनी कई चिपचिपी चीजें भी लोगों के खान-पान का हिस्सा हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक इनका अधिक सेवन दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया मीठे खाद्य पदार्थों के संपर्क में आकर ऐसे तत्व पैदा कर सकते हैं, जो दांतों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। धीरे-धीरे दांतों में कैविटी बनने का खतरा बढ़ सकता है।

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तेज ब्रश करने से भी हो सकता है नुकसान

कई लोगों को लगता है कि जितनी तेजी और ताकत से ब्रश करेंगे, दांत उतने ही साफ होंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। बहुत ज्यादा दबाव डालकर या गलत तरीके से ब्रश करने से दांतों की सुरक्षा परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है। इनेमल कमजोर होने पर दांतों में सेंसेटिविटी यानी झनझनाहट की समस्या हो सकती है। ठंडा या गर्म खाना-पीना परेशानी देने लग सकता है।

रात में ब्रश करना क्यों जरूरी?

दिनभर खाने-पीने के बाद दांतों पर प्लाक और भोजन के छोटे-छोटे अवशेष जमा हो जाते हैं। अगर रात में ब्रश किए बिना सो जाते हैं तो यही गंदगी लंबे समय तक दांतों पर बनी रहती है। रातभर मुंह में बैक्टीरिया की गतिविधि बढ़ने का मौका मिलता है। इससे कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और मुंह से बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉ. प्रियंका साहू ने खासतौर पर सोने से पहले ब्रश करने की आदत डालने की सलाह दी है।

तंबाकू और गुटखे से दूरी बेहद जरूरी

तंबाकू, गुटखा और दूसरे तंबाकू उत्पादों का सेवन मुंह की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। इनके सेवन से दांतों और मसूड़ों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉ. साहू ने लोगों को तंबाकू और गुटखे से पूरी तरह बचने की सलाह दी है। लंबे समय तक इनके सेवन से मुंह के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति इनका सेवन करता है तो इसे छोड़ना सिर्फ दांतों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी सेहत के लिए जरूरी है।

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दांतों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

डॉ. प्रियंका साहू के मुताबिक दांतों की देखभाल के लिए बहुत मुश्किल रूटीन की जरूरत नहीं है। रोजाना कुछ आसान आदतों को अपनाकर दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। दिन में दो बार करीब दो मिनट तक हल्के हाथों से ब्रश करना चाहिए। भोजन के बाद पानी से अच्छी तरह कुल्ला करने की आदत डालनी चाहिए। सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करना बेहतर है और ब्रश को करीब तीन महीने में बदल देना चाहिए।

दर्द नहीं है तो भी छह महीने में कराएं जांच

दांतों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते, जब तक दर्द शुरू नहीं हो जाता। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना सही नहीं है। डॉ. साहू के मुताबिक दर्द न होने पर भी हर छह महीने में दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। नियमित जांच से छोटी कैविटी या मसूड़ों की शुरुआती समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

Location :  Sultanpur

Published :  11 August 2026, 4:37 PM IST

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