5 साल बाद शुरू हुआ 27 करोड़ का कूड़ा निस्तारण प्लांट, बाकरगंज को कूड़े के पहाड़ से मिलेगी मुक्ति

बरेली शहर में कूड़े के निस्तारण की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने सथरापुर गांव में 27 करोड़ रुपये की लागत से बने कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन शुरू कर दिया है।

Updated : 28 October 2026, 8:29 PM IST

Bareilly: बरेली शहर में कूड़े के निस्तारण की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने सथरापुर गांव में 27 करोड़ रुपये की लागत से बने कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन शुरू कर दिया है। बुधवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम और सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने नारियल फोड़कर प्लांट का शुभारंभ किया। करीब पांच साल से संचालन की राह देख रहे इस प्लांट के शुरू होने से शहर में प्रतिदिन निकलने वाले सैकड़ों टन कूड़े का निस्तारण हो सकेगा। इसके साथ ही बाकरगंज में जमा तीन लाख टन से अधिक कूड़े के पहाड़ को खत्म करने की दिशा में भी रास्ता साफ हो गया है।

वर्ष 2021 में बनकर तैयार हुआ था प्लांट, पांच साल बाद शुरू हुआ संचालन

नगर निगम ने शहर में कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर सथरापुर गांव में 20 हेक्टेयर भूमि पर प्लांट का निर्माण कराया था। करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2021 में पूरा हो गया था, लेकिन संचालन के लिए एजेंसी का चयन नहीं होने के कारण प्लांट शुरू नहीं हो सका। लंबे समय तक परियोजना अटकी रहने के बाद जनवरी 2026 में दिल्ली की कंपनी पाथ्या को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। कंपनी ने अपने खर्च पर प्लांट में आवश्यक मशीनें स्थापित कीं। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने पर संचालन का रास्ता साफ हो गया।

प्रतिदिन 500 टन कूड़े के निस्तारण की क्षमता

सथरापुर में स्थापित प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 500 टन कूड़े के निस्तारण की है। वर्तमान में बरेली शहर से रोजाना 450 टन से अधिक कूड़ा निकल रहा है। अब तक इस कूड़े का बड़ा हिस्सा बाकरगंज में डाला जा रहा था। लगातार कूड़ा जमा होने से वहां विशाल ढेर लग गया है। नए प्लांट के संचालन से शहर में प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का नियमित निस्तारण करने में मदद मिलेगी। इससे बाकरगंज में अतिरिक्त कूड़ा जमा होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

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बाकरगंज में जमा है तीन लाख टन से अधिक कूड़ा

बाकरगंज में लंबे समय से कूड़ा डाले जाने के कारण वहां तीन लाख टन से अधिक कचरे का पहाड़ बन चुका है। कूड़े के विशाल ढेर से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या लगातार बढ़ रही थी। अब सथरापुर प्लांट के शुरू होने से इस समस्या के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, बाकरगंज में पहले से जमा लाखों टन कूड़े को पूरी तरह समाप्त करने में समय लगेगा। पुराने कूड़े के निस्तारण के साथ ही शहर से निकलने वाले नए कचरे का नियमित प्रबंधन करना भी नगर निगम के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

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शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन शुरू होने से नगर निगम की सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कचरे का नियमित निस्तारण होने से शहर में गंदगी और दुर्गंध की समस्या कम हो सकेगी। साथ ही कूड़े के बड़े ढेर बनने पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्लांट के शुभारंभ के अवसर पर वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार, नगर आयुक्त संजीव मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण यादव और पशुधन अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई इस परियोजना की सफलता अब प्लांट के नियमित संचालन और कूड़े के प्रभावी निस्तारण पर निर्भर करेगी।

Location :  Bareilly

Published :  28 October 2026, 8:29 PM IST