वृंदावन में बड़ा हादसा: पानी के टैंक की सफाई करने उतरे पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम के चार छात्रों की जहरीली गैस से मौत, एक गंभीर

वृंदावन के पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में पानी का बंद टैंक साफ करने उतरे चार छात्रों की जहरीली गैस से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर है। घटना के बाद संचालक फरार हो गया है। मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 7 October 2026, 8:31 AM IST

Vrindavan News: उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में पानी के टैंक की सफाई करने उतरे चार छात्रों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे में एक अन्य छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद से गुरुकुलम का संचालक मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

टैंक की सफाई के दौरान कैसे हुआ हादसा?

यह पूरी घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे की है। गुरुकुलम के संचालक आचार्य आशीष ने छात्रों को पीछे बने एक पानी के टैंक को साफ करने का निर्देश दिया था। यह टैंक पिछले एक साल से अधिक समय से बंद पड़ा था।

संचालक के कहने पर पांच छात्र इस खतरनाक काम के लिए आगे आए। इनमें मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी मनू कटारे (22), देवांश शर्मा, मेरठ के विशू शर्मा (19), प्रयागराज के आर्यन पांडेय (16) और रुद्राक्ष शामिल थे। सबसे पहले मनू कटारे टैंक का ढक्कन खोलकर अंदर उतरे, लेकिन कुछ ही पलों में जहरीली गैस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मनू को संकट में देख बाकी चारों छात्र भी उन्हें बचाने के लिए एक-एक करके टैंक में उतर गए और वे सभी अंदर ही फंस गए।

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स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाले गए छात्र

छात्रों के टैंक में फंसने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य छात्रों ने शोर मचाकर मदद मांगनी शुरू की। शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले कृष्णा तिवारी तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी सूझबूझ से दो छात्रों को बाहर निकाला। इसके बाद अन्य आचार्यों और छात्रों के सहयोग से सभी पांचों छात्रों को टैंक से बाहर निकाला गया।

तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस सभी छात्रों को लेकर रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम और सौ शैया अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मनू कटारे, विशू शर्मा, आर्यन पांडेय और देवांश शर्मा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पांचवें छात्र रुद्राक्ष का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई और संचालक की संलिप्तता

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज, एडीएम पंकज वर्मा और एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह समेत कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद आरोपी संचालक आचार्य आशीष मौके से फरार हो गया, और गुरुकुल के अन्य सदस्यों द्वारा आश्रम की पहचान छिपाने के लिए नाम का बोर्ड तक हटा दिए जाने की बात सामने आई है।

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जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। चूंकि टैंक लंबे समय से बंद था, इसलिए उसमें खतरनाक जहरीली गैस बन गई थी, जो छात्रों की मौत का कारण बनी। प्रशासन ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

क्या है गुरुकुलम का पृष्ठभूमि?

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस जगह पर वर्तमान में पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम चल रहा है, वहां एक साल पहले तक 'उमा कमला' नाम से गेस्ट हाउस संचालित होता था। बाद में आशीष शर्मा ने इस जमीन को किराए पर लेकर गुरुकुलम का संचालन शुरू किया। इस गुरुकुल में कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। यहां कुल 200 से अधिक छात्र नामांकित हैं, जिनमें से लगभग 100 छात्र वर्तमान में परिसर में रहकर संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

Location :  Vrindavan

Published :  7 October 2026, 8:30 AM IST