
कमलेश बिंद एनकाउंटर
Ghazipur : एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद का मामला उस वक्त बेकाबू हो गया जब शव लेकर जा रहे परिजनों ने फुल्लपुर रेलवे क्रॉसिंग पर अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस-भीड़ के बीच टकराव इतना बढ़ गया कि पथराव तक की नौबत आ गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद कमलेश चौधरी का शव गांव पहुंचने से पहले ही रास्ते में परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। फुल्लपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और शव को रोककर प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
पुलिस द्वारा शव को आगे ले जाने की कोशिश और प्रदर्शनकारियों के विरोध के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस घटना में सीओ सिटी शेखर सेंगर समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
मृतक की पत्नी और परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने गलत तरीके से कार्रवाई की है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार विवाद शव यात्रा के मार्ग को लेकर और अधिक बढ़ गया। पुलिस शव को सीधे श्मशान घाट ले जाना चाहती थी, जबकि ग्रामीण इसे मुख्य मार्गों से निकालने की मांग कर रहे थे। इसी विवाद ने हालात को विस्फोटक बना दिया।
घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने पथराव करने वालों की पहचान शुरू कर दी है और सख्त कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि माहौल शांत किया जा सके।
Location : Ghazipur
Published : 5 June 2026, 3:11 AM IST