गोरखपुर में न्याय की जीत: 12 साल पुराने केस में 5 आरोपी दोषी, कोर्ट ने दिया यह बड़ा फैसला…

गोरखपुर के 2013 के चर्चित मारपीट मामले में 12 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। एडीजे-4 कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5-5 साल की सजा और जुर्माना लगाया। पुलिस की मजबूत पैरवी और ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के चलते यह सफलता मिली, जिससे न्याय व्यवस्था में विश्वास और मजबूत हुआ।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 24 March 2026, 11:23 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में वर्ष 2013 में हुए चर्चित मारपीट और गंभीर चोट के मामले में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। लंबे इंतजार के बाद मा० न्यायालय एडीजे-4, गोरखपुर ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 5-5 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

यह मामला थाना खजनी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां आपसी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने मिलकर एक व्यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 122/2013 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।

क्या था पूरा मामला और कौन हैं दोषी

घटना वर्ष 2013 की है, जब खजनी थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि कई लोगों ने एकजुट होकर पीड़ित के साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस मामले में धारा 147, 323, 149, 308, 504, 506 और 427 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

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लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने जयराम पुत्र परदेसी, जगन्नाथ, राजू पुत्र जयराम (निवासी डोमर घाट, थाना खजनी), सुभाष पुत्र मधुबन (निवासी महेवा, थाना खोराबार) और गोपाल पुत्र चंदर (निवासी बगही, थाना बलीपार) को दोषी पाया। कोर्ट ने माना कि सामूहिक हिंसा और गंभीर चोट पहुंचाने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे, जिसके आधार पर यह सजा सुनाई गई।

पुलिस की मजबूत पैरवी और ऑपरेशन कनविक्शन की सफलता

इस मामले में दोषसिद्धि दिलाने में अभियोजन पक्ष की अहम भूमिका रही। विशेष रूप से एडीजीसी बृजेश कुमार सिंह की प्रभावी पैरवी और पुलिस मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी ने केस को मजबूत बनाया।

पुलिस टीम ने गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई, साक्ष्यों को व्यवस्थित तरीके से अदालत में पेश किया और केस डायरी को सही ढंग से बनाए रखा। इन प्रयासों के कारण ही इतने पुराने मामले में भी सटीक और ठोस निर्णय संभव हो पाया।

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुराने और लंबित मामलों में तेजी लाकर दोषियों को सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इस फैसले से न केवल पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है, बल्कि समाज में यह संदेश भी गया है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं और दोषियों को सजा मिलकर ही रहती है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 24 March 2026, 11:23 PM IST