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मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश (Img: Dynamite News)
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी के एक गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को निजी जरूरत का झांसा देकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवाते थे। इसके बाद इन सिम कार्ड को एक्टिवेट कर उन पर आने वाले व्हाट्सएप OTP विदेश में बैठे साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। विदेशी साइबर अपराधी इन भारतीय मोबाइल नंबरों से WhatsApp अकाउंट लॉगिन कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस जांच में झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़ी दो शिकायतों में कुल 53 लाख 83 हजार 822 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिबिंब पोर्टल पर मुजफ्फरनगर से फर्जी व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए साइबर ठगी किए जाने की शिकायतें मिली थीं। जांच में पता चला कि थाना शाहपुर क्षेत्र में कुछ सिम कार्ड एक्टिवेट किए जा रहे थे और उनसे जुड़े OTP विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को भेजे जाते थे।
आरोप है कि इन OTP की मदद से विदेशी साइबर अपराधी भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय करते थे। इसके बाद इन अकाउंट का इस्तेमाल लोगों से संपर्क करने और साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाता था।
मुजफ्फरनगर पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर साइबर ठग (Img: Dynamite News)
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हरसौली गांव निवासी मोनू पुत्र मेहर इलाही और कबीर पुत्र मुकीम को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन की जांच में करीब 70 सिम कार्ड एक्टिवेट होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन सिम कार्ड के जरिए कितने व्हाट्सएप अकाउंट बनाए या सक्रिय किए गए और उनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में हुआ।
पुलिस की अब तक की जांच में झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़ी दो शिकायतों में कुल 53,83,822 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। पुलिस अन्य एक्टिवेटेड सिम कार्ड, संभावित WhatsApp अकाउंट और उनसे जुड़े पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 29 October 2026, 7:08 PM IST