B.El.Ed. और स्पेशल BTC धारकों की बड़ी जीत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 897 एडेड प्राइमरी शिक्षक पदों के दरवाजे खोले

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 4 वर्षीय B.El.Ed. और 2 वर्षीय विशेष शिक्षा डिप्लोमा धारकों को 897 एडेड प्राइमरी स्कूलों के पदों पर आवेदन का मौका देने का निर्देश दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 October 2026, 4:08 PM IST

Prayagraj: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षकों की भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि चार वर्षीय B.El.Ed. (बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन) डिग्री धारकों और विशेष शिक्षा (स्पेशल एजुकेशन) में दो वर्षीय डिप्लोमा रखने वालों को 897 सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के पद के लिए आवेदन करने का मौका दिया जाए।

अदालत ने भर्ती प्रक्रिया से इन उम्मीदवारों को बाहर रखने की व्यवस्था को नियमों के विरुद्ध माना है। इसके अलावा अदालत ने भर्ती विज्ञापन में संशोधन करने का आदेश दिया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने का उचित अवसर मिल सके।

897 पदों से बाहर रखे जाने के खिलाफ चुनौती

यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने महेश कुमार और 18 अन्य लोगों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सहायक शिक्षकों के पदों के लिए रिक्तियों की घोषणा की थी जिसमें शहरी क्षेत्रों के लिए 11,508 पद और सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों के लिए 897 पद शामिल थे।

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याचिकाकर्ताओं के अनुसार, भर्ती विज्ञापन के खंड 7.1 में विशेष शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा और चार वर्षीय B.El.Ed. डिग्री धारकों को शहरी क्षेत्रों के 11,508 पदों के लिए आवेदन करने के योग्य माना गया था; लेकिन उन्हें सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों के 897 पदों के लिए आवेदन करने से बाहर रखा गया था। इस तरह बाहर रखे जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।

समान कर्तव्यों और वेतन के बावजूद योग्यता में अंतर पर सवाल

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि चूंकि दोनों तरह के विद्यालयों में सहायक शिक्षकों के कर्तव्य और वेतन एक समान हैं, इसलिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं में अंतर का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय करने का अधिकार केवल 'नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन' (NCTE) के पास है। अदालत ने पाया कि इस मामले में 11 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना, NCTE अधिनियम या 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के अनुरूप नहीं थी। अदालत ने उस विशेष प्रावधान को रद्द कर दिया, जिसने B.El.Ed. डिग्री धारकों साथ ही विशेष शिक्षा में डिप्लोमा और डिग्री रखने वालों को 897 रिक्तियों के लिए आवेदन करने से रोक दिया था।

भर्ती विज्ञापन में संशोधन के लिए निर्देश

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि 15 सितंबर 2026 के विज्ञापन संख्या 5/2026 में तत्काल संशोधन किया जाए। इसके तहत, चार साल की B.El.Ed. डिग्री या विशेष शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा रखने वाले व्यक्तियों को भी 897 पदों के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

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अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं जैसी स्थिति वाले अन्य उम्मीदवारों को भी आवेदन करने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। यह निर्देश दिया गया है कि यदि आवश्यक हो, तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पात्र उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकें।

उम्मीद है कि इस आदेश से उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जिनके पास निर्धारित शैक्षिक योग्यताएं होने के बावजूद, पहले इस भर्ती के लिए आवेदन करने का अवसर नहीं दिया गया था। आगे की कार्यवाही अब संशोधित विज्ञापन जारी होने और आवेदन की नई समय-सीमा के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना आने पर निर्भर करेगी।

Location :  Prayagraj

Published :  27 October 2026, 4:08 PM IST