UP Urban Local Bodies: दिवाली से पहले 762 निकायों को 1201 करोड़, पहले कर्मचारियों को मिलेगा पैसा

दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की 762 नगरीय निकायों को 1201.64 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। सरकार ने सबसे पहले कर्मचारियों के वेतन और बकाया भुगतान के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बची रकम सड़क, सीवर और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 4 November 2026, 3:39 PM IST

Lucknow: दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश की 762 नगरीय निकायों को विकास और जरूरी भुगतान के लिए 1201.64 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। पांचवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत इस राशि से नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को फायदा मिलेगा। हालांकि, इस रकम को खर्च करने के लिए सरकार ने प्राथमिकता भी तय कर दी है। सबसे पहले निकायों के कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और बकाया देयकों का भुगतान करना होगा। इसके बाद बची हुई रकम से विकास कार्य कराए जा सकेंगे।

762 नगरीय निकायों को मिली 1201.64 करोड़ की धनराशि

दिवाली से पहले जारी की गई इस धनराशि से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। पांचवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है।

इसमें नगर निगमों को 531.78 करोड़ रुपये, नगर पालिका परिषदों को 427.05 करोड़ रुपये और नगर पंचायतों को 242.81 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस तरह तीनों श्रेणियों की नगरीय निकायों को कुल 1201.64 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है।

प्रदेश की 545 नगर पंचायतों को मिली 242.81 करोड़ रुपये की धनराशि से छोटे शहरों और कस्बों में नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम कराए जा सकेंगे।

कर्मचारियों के वेतन और बकाया भुगतान को पहली प्राथमिकता

स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक अनुज कुमार झा के अनुसार, जारी की गई धनराशि का इस्तेमाल सबसे पहले निकायों के कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और अन्य देयकों के भुगतान में किया जाएगा।

निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि धनराशि मिलने के 15 दिन के भीतर कर्मचारियों के भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। यानी दिवाली से पहले नगरीय निकायों को मिली इस आर्थिक मदद से कर्मचारियों के लंबित भुगतान का रास्ता भी साफ हो सकता है।

सरकार की ओर से भुगतान को प्राथमिकता देने के पीछे उद्देश्य यह है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन और उनके बकाया का भुगतान मिल सके। भुगतान पूरा होने के बाद ही शेष धनराशि को दूसरे कार्यों में लगाया जा सकेगा।

सड़क, सीवर और खड़ंजे जैसे विकास कार्यों पर खर्च होगी रकम

कर्मचारियों के वेतन और अन्य देयकों का भुगतान करने के बाद बची हुई राशि से नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें सड़क निर्माण, सीवर व्यवस्था, खड़ंजे और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।

इससे शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। खासकर नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषदों के क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को गति मिल सकती है।

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लखनऊ नगर निगम को सबसे ज्यादा 81.62 करोड़ रुपये

जारी धनराशि में लखनऊ नगर निगम को सबसे अधिक 81.62 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, सर्वाधिक राशि पाने वाली पांच नगर पंचायतों में लखनऊ की बख्शी का तालाब नगर पंचायत को 1.19 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

धनराशि जारी करने के साथ ही निकायों को खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र भी निर्धारित व्यवस्था के तहत देना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि आवंटित रकम का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के लिए किया गया है।

कुल मिलाकर, दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की नगरीय निकायों को मिली 1201.64 करोड़ रुपये से अधिक की यह धनराशि कर्मचारियों के भुगतान के साथ शहरी विकास कार्यों को भी रफ्तार देने में मददगार हो सकती है।

Location :  Lucknow

Published :  4 November 2026, 3:39 PM IST