
8 हजार मिलावटी पेट्रोल के साथ पूरे गैंग का पर्दाफाश
Lucknow: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पेट्रोल पम्पों पर अपमिश्रित पेट्रोल और डीजल की सप्लाई करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एसटीएफ ने गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 8,000 लीटर मिलावटी पेट्रोल, एक टैंकर, पाइप, डीप रॉड और 56,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 14 नवंबर 2025 की रात जनपद फिरोजाबाद में अंजाम दी गई।
एसटीएफ को इस नेटवर्क के बारे में जानकारी तब मिली जब उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन, लखनऊ ने शासन को एक गंभीर शिकायत भेजी। शिकायत की जांच एसटीएफ फील्ड यूनिट गौतमबुद्ध नगर को सौंपी गई। जांच टीम में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ गौतमबुद्धनगर राजकुमार मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार, निरीक्षक सचिन कुमार और उपनिरीक्षक सनत कुमार शामिल थे। इन्हीं के नेतृत्व में कई जिलों अलीगढ़, फिरोजाबाद, हापुड़, मेरठ, गौतमबुद्धनगर और बुलन्दशहर में सक्रिय तेल माफियाओं पर नज़र रखी जा रही थी।
14 नवंबर को टीम को सूचना मिली कि फिरोजाबाद के चन्द्रा फिलिंग स्टेशन पर एक टैंकर अपमिश्रित पेट्रोल की सप्लाई करने पहुंचने वाला है। तुरंत क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और थाना एका पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। मौके से सद्दाम और चंद्र विजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पेट्रोल अलीगढ़ स्थित पराग पेन्ट्स एंड केमिकल फैक्ट्री से लिया गया था।
इसके बाद एसटीएफ ने जिला पूर्ति अधिकारी अलीगढ़ के साथ फैक्ट्री पर छापेमारी की, जहां सैंपलिंग की गई और फैक्ट्री से जुड़े कन्हैया लाल और सर्वेश कुमार को पूछताछ के लिए थाना एका लाया गया। पूछताछ के बाद सभी 5 आरोपियों को रात लगभग 8 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी पवन गिरी ने बताया कि उसकी उम्र 48 वर्ष है और वह 15 साल तक पेट्रोल पम्पों पर सेल्समैन रह चुका है। बाद में वह हरियाणा के मेवात और नूंह इलाके से चोरी का डीजल-पेट्रोल लाकर बुलन्दशहर में बेचने लगा। लगभग पांच वर्ष पहले वह मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थों के कारोबार में सक्रिय हो गया था।
वर्ष 2020 में पवन गिरी के टैंकर को गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद वह अलीगढ़ के व्यापारी कन्हैया लाल के संपर्क में आया, जो उसे 70–75 रुपये प्रति लीटर की दर से अद्योमानक (मिलावटी) पेट्रोल देता था। पवन इसे 80-85 रुपये प्रति लीटर में कई पेट्रोल पम्पों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाता था।
14 नवंबर की रात भी पवन गिरी अलीगढ़ की फैक्ट्री से 8,000 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल टैंकर में भरकर चन्द्रा फिलिंग स्टेशन पहुंचा था, लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि चन्द्रा फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था और पिछले चार महीनों से अवैध तरीके से मिलावटी पेट्रोल बेचा जा रहा था।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने फिरोजाबाद में कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पम्पों पर अपमिश्रित पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। 5 आरोपी गिरफ्तार, 8000 लीटर मिलावटी पेट्रोल, टैंकर और नकदी बरामद। गिरोह अलीगढ़, बुलन्दशहर, हापुड़, मेरठ और नोएडा के कई पम्पों को सप्लाई कर रहा था।
Location : Lucknow
Published : 15 November 2025, 7:10 PM IST
Topics : Adulterated Petrol Petrol pump UP STF uttar pradesh