UP SIR: यूपी के इन जनपदों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कटे सबसे अधिक नाम, जानिये हैरान करने वाले आंकड़े

उत्तर प्रदेश में महीनों तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) अभियान के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई। इस ड्राफ्ट ने प्रदेश की चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में जानते हैं क्या है जिलों का हाल

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 January 2026, 4:53 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में महीनों तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) अभियान के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस ड्राफ्ट ने प्रदेश की चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है। आंकड़े बताते हैं कि 15.44 करोड़ मतदाताओं वाले यूपी में 2 करोड़ 88 लाख से ज्यादा नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का 18.70 प्रतिशत है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 75 जिलों में से 17 जिले ऐसे हैं, जहां 20 प्रतिशत से अधिक वोटरों के नाम कटे हैं। इनमें लखनऊ शीर्ष पर है, जहां 12,00,138 मतदाता (30.04%) सूची से बाहर हो गए हैं।

अब 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां

ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ ही निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका रहेगा। जिन मतदाताओं के नाम कट गए हैं, वे अभी भी नाम जुड़वाने या सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची संबंधित बीएलओ के पास उपलब्ध है।

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गौरतलब है कि SIR की प्रक्रिया मूल रूप से 11 दिसंबर को समाप्त होनी थी, लेकिन जब यह सामने आया कि करीब 2.97 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट से बाहर हो सकते हैं, तब राज्य ने 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। इसके बाद गणना चरण 26 दिसंबर तक बढ़ाया गया, जिसमें करीब 9 लाख नए फॉर्म भरे गए।

क्यों कटे इतने नाम? आधिकारिक आंकड़े

निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के पीछे चार प्रमुख कारण सामने आए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित पाए गए, 46.23 लाख मतदाताओं की मृत्यु दर्ज हुई, जबकि 25.47 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए। इसके अलावा 7.57 लाख मतदाताओं ने निर्धारित समय में आवश्यक फॉर्म जमा नहीं किए, जिसके चलते उनके नाम सूची से हटाए गए। वहीं एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि 1.04 करोड़ मतदाताओं का 2003 की मतदाता सूची में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, ऐसे मामलों में अब चुनाव आयोग द्वारा संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अब यूपी में कितने मतदाता बचे?

SIR अभियान के बाद उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में अब 12.55 करोड़ मतदाता शेष रह गए हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के साथ ही सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की प्रति सौंप दी गई है।

लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक बड़ी कटौती

जिलावार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ होता है कि बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची से नाम हटने की दर अपेक्षाकृत अधिक रही है। सबसे अधिक असर राजधानी लखनऊ में देखने को मिला, जहां 12,00,138 मतदाता यानी 30.04 प्रतिशत नाम सूची से कटे। इसके बाद गाजियाबाद में 8,18,139 (28.83%), कानपुर नगर में 9,02,148 (25.50%), बलरामपुर में 4,11,200 (25.98%) और प्रयागराज में 11,56,305 मतदाता (24.64%) कम हुए हैं। इसके विपरीत प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में कटौती अपेक्षाकृत कम रही, जहां महोबा में 12.42 प्रतिशत और ललितपुर में केवल 9.95 प्रतिशत नाम हटाए जाने दर्ज किए गए।

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राजनीति गरम, सवाल कायम

ड्राफ्ट सूची सामने आने के बाद राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी थी। सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या जिन लाखों मतदाताओं के नाम कटे हैं, वे तय समय में दोबारा सूची में लौट पाएंगे? और अगर नहीं, तो इसका असर आगामी चुनावों पर कितना गहरा पड़ेगा?

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 7 January 2026, 4:53 PM IST

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