निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के पीछे चार प्रमुख कारण सामने आए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित पाए गए, 46.23 लाख मतदाताओं की मृत्यु दर्ज हुई, जबकि 25.47 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए। इसके अलावा 7.57 लाख मतदाताओं ने निर्धारित समय में आवश्यक फॉर्म जमा नहीं किए, जिसके चलते उनके नाम सूची से हटाए गए। वहीं एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि 1.04 करोड़ मतदाताओं का 2003 की मतदाता सूची में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, ऐसे मामलों में अब चुनाव आयोग द्वारा संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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