
संचालक और कर्मचारियों का खंगाला जाएगा रिकॉर्ड (Source: Pinterest)
Lucknow: पेपर लीक और सॉल्वर गैंग पर शिकंजा कसने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी की है। अब सरकारी और निजी कॉलेजों को प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बनाए जाने से पहले विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की गोपनीय जांच से गुजरना होगा। एसटीएफ की रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद ही कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाने पर विचार किया जाएगा।
एसटीएफ की टीमें कॉलेज संचालकों के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगालेंगी। किसी संचालक या कर्मचारी का आपराधिक इतिहास सामने आने पर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाए जाने से रोका जा सकता है। जांच का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जिनका किसी पेपर लीक, नकल या सॉल्वर गैंग से संबंध रहा हो।
जांच सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगी। एसटीएफ की टीमें संबंधित कॉलेजों में जाकर भौतिक सत्यापन भी करेंगी। यह देखा जाएगा कि कॉलेज में परीक्षा आयोजित कराने के लिए जरूरी संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध हैं या नहीं। सीसीटीवी कैमरों, कंप्यूटर सिस्टम और इंटरनेट कनेक्शन की स्थिति की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरों और कंप्यूटर सिस्टम का संचालन करने वाले कर्मचारियों की भी जांच होगी। सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर संबंधित कर्मचारियों की कॉल डिटेल और ईमेल आईडी से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर संबंधित व्यक्ति और कॉलेज की जानकारी एसटीएफ मुख्यालय भेजी जाएगी।
एसटीएफ यह भी पता लगाएगी कि संबंधित कॉलेज पहले कभी परीक्षा केंद्र रहा है या नहीं। यदि पूर्व में वहां से किसी परीक्षा का पेपर लीक हुआ है या नकल से जुड़ी शिकायत सामने आई है, तो उसकी भी पड़ताल होगी। इसके अलावा कॉलेज कहीं ब्लैकलिस्ट तो नहीं हुआ था और बाद में नाम बदलकर दोबारा संचालित तो नहीं किया गया, इसकी भी जांच की जाएगी।
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में टीमें गठित कर कॉलेजों की जानकारी जुटाने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक कॉलेज की रिपोर्ट एसटीएफ मुख्यालय भेजी जाएगी। संदिग्ध पाए जाने वाले कॉलेजों की अलग सूची तैयार की जा सकती है।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी के मामले में आगरा समेत प्रदेश के कई जिलों में कार्रवाई हो चुकी है। आगरा में सॉल्वर गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी और परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद परीक्षा केंद्रों की निगरानी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां ज्यादा सतर्क हैं।
जनवरी 2019 में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में नकल करने और कराने के आरोप में मथुरा, आगरा और फिरोजाबाद से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में सॉल्वर गिरोह का सरगना भी शामिल था। ऐसे मामलों को देखते हुए अब परीक्षा केंद्र चयन से पहले ही संभावित जोखिमों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर यह होगा कि परीक्षा केंद्र बनने से पहले कॉलेज की पृष्ठभूमि, प्रबंधन, कर्मचारियों और तकनीकी व्यवस्था की विस्तृत जांच होगी। इससे पेपर लीक, नकल और सॉल्वर गैंग जैसी गतिविधियों पर पहले ही रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अब परीक्षा केंद्र बनना केवल भवन और संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सुरक्षा जांच भी अहम कसौटी होगी।
Location : Lucknow
Published : 22 August 2026, 11:56 AM IST
Topics : Exam Security Lucknow paper leak UP STF