
प्रतिकात्मक छवि (Image Source: Internet)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में बिजली बिलों के बकाये की वसूली तेज करने के लिए बिजली विभाग अब ग्राम प्रधानों की मदद लेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बकायेदारों से भुगतान कराने के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को ग्राम प्रधानों को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बड़े बकायेदारों को चिह्नित करने, नोटिस जारी करने और भुगतान नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई करने को कहा गया है।
लखनऊ स्थित शक्ति भवन में हुई समीक्षा बैठक के दौरान रणवीर प्रसाद ने बिजली बिलों की वसूली की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों को गोला और गोंडा के नवाबगंज क्षेत्रों में बिजली बिलों की जांच करने के निर्देश दिए।
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अधिकारियों से कहा गया कि दोनों क्षेत्रों में दस-दस बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया जाए। इसके बाद नियमानुसार नोटिस जारी कर उनसे संपर्क किया जाए और बकाया बिजली बिल जमा कराने के प्रयास किए जाएं। ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर स्थानीय स्तर पर सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया। रणवीर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि नोटिस और संपर्क के बाद भी यदि बकायेदार भुगतान में सहयोग नहीं करते हैं, तो नियमानुसार उनका बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाए।
समीक्षा बैठक में बिजली आपूर्ति पर होने वाले खर्च के मुकाबले राजस्व वसूली यानी थ्रू रेट पर भी चर्चा हुई। रणवीर प्रसाद ने पांच रुपये प्रति यूनिट से कम थ्रू रेट वाले क्षेत्रों में सुधार लाने के निर्देश दिए। सहारनपुर में यह दर 1.71 रुपये प्रति यूनिट होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों से स्थिति सुधारने को कहा।
मुरादाबाद में राजस्व प्राप्ति में कमी पर भी अध्यक्ष ने असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाकर राजस्व संग्रह बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने और शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों का तय समय में समाधान नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
रणवीर प्रसाद ने सभी बिजली वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशकों (MD) को बिल सुधार से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक MD हर सप्ताह सात से दस बिजली बिलों की औचक जांच खुद करें, ताकि बिलिंग व्यवस्था में सुधार हो सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। यदि किसी उपभोक्ता को गलत बिल जारी किया गया है, तो उसे समय पर ठीक कराया जाए। बिल सुधार के मामलों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इन निर्देशों का उद्देश्य बकाया वसूली बढ़ाने के साथ-साथ बिलिंग व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार लाना है।
Location : Lucknow
Published : 14 October 2026, 3:06 AM IST