
करोड़ों का फ्राड करने वाला गिरफ्तार
Lucknow: यूपी एसटीएफ ने अपराधियों पर जोरी टोलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक कर्मियों की मिलीभगत से कई कंपनियों को करोड़ों रूपये का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने गिरोह के मास्टरमाइंड को लखनऊ से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान आमिर अहसन निवासी सैयदवाडा मोहम्दाबाद गोहना, थाना मोहम्मदाबाद गोहना, जनपद मऊ के रूप में हुई है। एसटीएफ ने अभियुक्त से 1 मोबाइल फोन, 1 आधार कार्ड, 1 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 1 ड्राइविंग लाइसेंस, 1 कार और 730 रूपए नगद बरामद किया है।
एसटीएफ ने आरोपी की गिरफ्तारी रविवार को आईआईएम रोड निकट सहारा होम्स थाना क्षेत्र मडियांव जनपद लखनऊ से की।
जानकारी के अनुसार शिकायती पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता को व्यवसाय हेतु कुछ रूपयों की आवश्यकता थी, जिसके लिए उसने अपने मित्र इंद्रजीत सिंह से बात की थी। इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उसका मित्र नावेद हसन, विभिन्न बैंको के मैनेजरों से परिचित है और वह लोन दिलवाने का काम करता है। इंद्रजीत के कहने पर शिकायतकर्ता राज बहादुर गुरुंग ने अपने दस्तावेज उसे दिये।
लगभग 15 दिन बाद इंद्रजीत सिंह राजबहादुर गुरंग को यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा जानकीपुरम मैनेजर गौरव सिंह के केबिन में ले गया। वहां पहले से एक फाइल रखी हुई थी जिसमें अंग्रेजी में टाइप किये हुए कई कागजात पूर्व से रखे थे। उन लोगों ने राज बहादुर गुरुंग को अपने प्रभाव में लेकर कई कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिया था।
कुछ दिन बाद राज बहादुर गुरुंग ने पूछा तो नावेद ने मना कर दिया कि तम्हारा लोन नही हुआ। लगभग 5-6 महीने बाद राज बहादुर गुरुंग के मोबाइल पर ईएमआई ड्यू का मैसेज आया। तब राज बहादुर गुरुंग ने अपना सिविल स्कोर निकलवाया तो पता चला कि उसके नाम से दो लोन स्वीकृत हुए है।
एसटीएफ उ०प्र० द्वारा यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर गौरव सहित 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इसका मास्टरमाइंड आमिर एहसन है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे थे। पुलिस टीम ने आईआईएम रोड निकट सहारा होम्स थाना क्षेत्र मडियांव जनपद लखनऊ से समय 11:40 बजे गिरफ्तार किया गया, जिससे उपरोक्त बरामदगी हुई।
गिरफ्तार अभियुक्त आमिर अहसन ने बताया कि वह 2017 में यूनिटी कॉलेज हुसैनाबाद से ड्राफ्टमैन से डिप्लोमा किया। एक रिश्तेदार के माध्यम से 2018 में मेरी मुलाकात नावेद से हुई। नावेद के ऊपर 2017 में बैंक फ्रॉड करने के कारण एसबीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर द्वारा एफआईआर दर्ज करायी गयी थी।
जिसमें नावेद के अतिरिक्त तकी अब्बास, अवनीत कौर, कल्बे रजा आब्दी, जैन रिजवी, व तारिक के नाम प्रकाश में आये थे। इसी के संबंध में मेरी बात नावेद से होना शुरू हुई। कुछदिन पश्चात हम लोगों ने रूपये कमाने के लिए फर्जी तरीके से लोन कराने का प्लान बनाया। जिसमें लोगों के आधार व पैनकार्ड पर लगे फोटो को एडिट कर उनके नाम पर किसी दूसरे को ले जाकर बैंक कर्मियों की मिली भगत से मुद्रा लोन योजना के अन्तर्गत अलग अलग बैंको से लोन निकालने का प्लान था।
इसके बाद वर्ष 2019 में मैंने मेरे जानने वाले विजय शुक्ला व शुभम मिश्रा मोबाइल से नावेद की मुलाकात कराई। शुभम मिश्रा ने नावेद को पंजाब एंड सिंध बैंक बिरहना के मैनेजर से मिलवाया इसके बाद हम लोगो द्वारा दूसरे के आधर व पैन पर गिरोह के सदस्यों के फोटो लगाकर फर्जी पते पर बनायी गयी कंपनी की कोटेशन बनाकर लोन करने का कार्य शुरू किया गया।
उसने बताया कि उन्होंने विभिन्न बैंको के मैनेजर से साठगांठ कर, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी पते पर बनायी गयी कम्पनियों से कोटेशन देते थे। इसके बाद दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर लगी फोटो को एडिट कर उनकी फोटो की जगह अपने गिरोह के सदस्यों की फोटो लगाकर व उनके नाम से हस्ताक्षर कर मुद्रा लोन लेकर फ्राड किया जाने लगा।
उसने बताया कि उन्होने अब तक लगभग 100 से अधिक लोगों / फर्मों / कम्पनियों के नाम से लोन विभिन्न बैंकों से फर्जी तरीके से कराये गये हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले में आगे की जांच में जुटी है।
Location : Lucknow
Published : 15 February 2026, 8:33 PM IST
Topics : Gang busted Lucknow: Loan fraud UP STF