उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में रविवार शाम को जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। वारदात की खबर से पूरा इलाका दहला गया। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। तनाव को देखते हुए कई थानों का पुलिस बल तैनात किया है।

अस्पताल के बाहर परिजन व समर्थक
Bulandshahar: जनपद में सोमवार को जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष की बड़ी वारदात सामने आयी है। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव निमखेड़ा में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और जिला अस्पताल में हजारों की भीड़ जमा हो गई। तनाव को देखते हुए कई थानों का पुलिस बल तैनात किया है।
इस हमले में पूर्व बसपा (BSP) विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे हाजी सूफियान (43) की पीट-पीटकर और गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई, जबकि उनका भाई अकरम (45) जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, हाजी सूफियान और अकरम सोमवार को निमखेड़ा गांव में एक आम के बाग के सौदे के सिलसिले में गए थे। वहां पहले से मौजूद करीब 8-10 दबंगों से उनकी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से दोनों भाइयों पर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी चढ़ा दी।
चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, गाड़ी से टक्कर मारने के बाद आरोपियों ने सूफियान पर बार-बार गाड़ी चढ़ाई ताकि उसकी मौत सुनिश्चित हो सके।
बुलंदशहर में बड़ी वारदात
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सूफियान को मृत घोषित कर दिया। अकरम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसको हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया है।
जैसे ही सूफियान की मौत की खबर शहर में फैली, जिला अस्पताल में समर्थकों और स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख जिला अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला बाग के लेनदेन के विवाद का लग रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
पुलिस की कई टीमें हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन भीतर ही भीतर भारी आक्रोश है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है।
हाजी अलीम उत्तर प्रदेश की 15वीं विधानसभा (2007) और 16वीं विधानसभा (2012) के सदस्य रहे, जिन्होंने बुलंदशहर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीता। 10 अक्टूबर 2018 को उनका शव उनके घर में मिला, जिसमें गोली लगने के निशान थे, जिससे उनकी मौत हुई। शुरू में आत्महत्या की बात कही गई, लेकिन परिवार ने जांच की मांग की।
बाद में यह हत्या का मामला बन गया और उनके बेटे को गिरफ्तार किया गया। संपत्ति विवाद के कारण उनके ही बेटे पर हत्या का संदेह था। उनकी मौत के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद था, जिसके चलते उनके बेटे और सौतेली मां के बीच भी विवाद था।