
दुष्कर्म और दहेज उत्पीड़न (फोटो सोर्स-google)
gorakhpur: गोरखपुर में दुष्कर्म और दहेज उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2019 में दर्ज इस मामले में लंबी सुनवाई और पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। फैसले के बाद पीड़िता पक्ष ने राहत की सांस ली, वहीं गोरखपुर पुलिस ने इसे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
क्या है पूरी खबर?
जानकारी के अनुसार, थाना चौरी चौरा क्षेत्र में वर्ष 2019 में दुष्कर्म, दहेज उत्पीड़न और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा अपराध संख्या 419/19 भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 120B, 34, 506 तथा 3/4 डीपी एक्ट के तहत पंजीकृत हुआ था। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और थाना स्तर पर लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसी क्रम में एएसजे/POCSO-02 न्यायालय गोरखपुर ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी संदीप भारती पुत्र उमेश हरिजन निवासी रामपुर रकवा पंडितपुरा थाना चौरी चौरा को अपराध का दोषी पाया।
न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए कठोर दंड देना आवश्यक बताया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों को मजबूती से अदालत के सामने प्रस्तुत किया। थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी के कारण मुकदमे की पैरवी प्रभावी रही। इस मामले में एडीजीसी श्री राममिलन सिंह की अहम भूमिका रही, जिनकी मजबूत दलीलों के चलते आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली।
पुलिस संरक्षण में बिना खारिज दाखिल जमीन पर हो रहा कब्जा!
गोरखपुर पुलिस ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के तहत कठोर सजा दिलाने के लिए अभियान लगातार चलाया जाएगा।
Location : गोरखपुर
Published : 8 May 2026, 9:34 PM IST
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