
अलीगंज अग्निकांड (Img- X)
Lucknow: लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एनीमेशन सेंटर (हैक्सार स्टूडियो) में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे में मारे गए किसी भी व्यक्ति की मौत आग से झुलसने या जलने की वजह से नहीं हुई है। मृतकों के शरीर पर किसी भी तरह के गहरे घाव या बड़ी चोट के निशान नहीं मिले हैं। डॉक्टरों की टीम ने साफ किया है कि सभी 15 युवक-युवतियों की जान बंद जगह में दम घुटने (Suffocation) के कारण गई है।
डॉक्टरों ने जांच अधिकारियों को बताया कि मृतकों के चेहरे और आंखों के आसपास सूजन पाई गई है, जबकि उनकी नाक के भीतर कालिख और धुएं के महीन कण जमा मिले हैं। दरअसल, जब चार मंजिला इमारत के भीतर आग लगी, तो वहां मौजूद प्लास्टिक, फोम और सिंथेटिक सामानों के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन साइनाइड जैसी अत्यधिक जहरीली गैसें फैल गईं। बंद जगह होने के कारण ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर गया। धुएं के इस जानलेवा प्रभाव से लोग पहले बेहोश हुए और फिर बाहर निकलने का मौका मिले बिना ही दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
इस भीषण हादसे के पीछे की एक मुख्य वजह इमारत मालिकों और संचालकों की घोर लापरवाही मानी जा रही है। दमकल विभाग के मानकों के अनुसार, किसी भी व्यावसायिक इमारत या अपार्टमेंट में हर तीन साल पर 'बिजली ऑडिट' कराना अनिवार्य होता है। इससे तारों की क्षमता और ओवरलोडिंग का पता चलता है। लेकिन अलीगंज की इस चार मंजिला इमारत में बिना किसी इलेक्ट्रिकल ऑडिट के सालों से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। चंद रुपयों की बचत के लिए सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया गया, जबकि यहां हर दिन 40 से 50 युवाओं की आवाजाही रहती थी।
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में है। मंगलवार की सुबह फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जिसमें प्राथमिक रूप से शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने के संकेत मिले हैं। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। पुलिस ने इस मामले में भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, एनीमेशन सेंटर संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल समेत 6 नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों (धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला) की तलाश में दबिश दी जा रही है।
शवों की पहचान होने के बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सोमवार की पूरी रात डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया, ताकि मंगलवार तड़के तक शवों को परिजनों को सौंपा जा सके। फिलहाल, प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने का काम जारी है। वहीं, पुलिस अब एलडीए (LDA), फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग और विद्युत निदेशालय से एनओसी और अनुमतियों से जुड़ी तकनीकी रिपोर्ट मांग रही है। जेसीपी कानून-व्यवस्था बबलू कुमार के अनुसार, इस लापरवाही के लिए जो भी सरकारी विभाग या व्यक्ति जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Lucknow
Published : 24 June 2026, 8:28 AM IST