“राम धन की चोरी महापाप!” अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, बोले- बड़े लोगों को क्यों बचाया गया?

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे और दान की कथित चोरी के मामले पर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि "राम धन की चोरी महापाप है।" वहीं मामले में SIT जांच और अब तक 8 गिरफ्तारियों के बाद राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 September 2026, 4:32 PM IST

Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "राम धन की चोरी महापाप और महाअपराध है, इसे कोई माफ नहीं करेगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है।

'आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफी नहीं'

अखिलेश यादव ने संसद से लेकर जनसभाओं तक इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर मिलने वाले दान और गुप्त चढ़ावे में किसी भी तरह की गड़बड़ी गंभीर अपराध है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यदि बड़े अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों को क्लीन चिट मिल गई है तो फिर छोटे कर्मचारियों और सेवादारों पर ही कार्रवाई क्यों की गई।

गुप्त दान का हिसाब मांग रहे अखिलेश

अखिलेश यादव ने दावा किया कि कथित चोरी का मामला बहुत बड़ा है और अभी तक मंदिर के गुप्त दान का पूरा हिसाब सामने नहीं आया है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

SIT ने सौंपी जांच रिपोर्ट

इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश गृह विभाग की ओर से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई थी। SIT ने मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी से जुड़ी अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है।

अब तक 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

राम जन्मभूमि थाने में दर्ज FIR के आधार पर अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। आरोपियों में मंदिर के कुछ कर्मचारी और बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं। इन पर भक्तों के चढ़ावे को आपस में मिलकर चोरी करने का आरोप लगाया गया है।

मामले पर भाजपा-विपक्ष आमने-सामने

राम मंदिर चढ़ावे विवाद को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां बड़े नामों पर कार्रवाई और पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Ayodhya

Published :  2 September 2026, 4:32 PM IST