महराजगंज के सीएचसी निचलौल में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने औचक निरीक्षण कर डॉक्टरों को बाहर की दवा लिखने पर फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि इमरजेंसी में सभी मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं दी जाएं, लापरवाही पर कठोर कार्रवाई होगी।

डीएम संतोष कुमार शर्मा
Mahrajganj: शुक्रवार शाम करीब छह बजे जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचलौल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर डीएम ने नजर डाली और कई लापरवाह व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान छेदी नामक मरीज की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने बाहर की दवा लिख दी। यह देख कर डीएम संतोष कुमार शर्मा भड़क उठे और तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात कर कड़ी फटकार दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रात में भी इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों को अस्पताल से ही दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी मरीज को बाहर की दवा लिखी गई या दवा उपलब्ध नहीं हुई तो संबंधित डॉक्टर और फार्मासिस्ट के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में नीलम बलहीखोर और रंजना लोहरौली भर्ती पाई गईं। मौके पर उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता भी मौजूद रहे। डीएम के अचानक पहुंचे निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए तुरंत निर्देश दिए गए।
महाराजगंज में यूट्यूबर के घर पहुंची लड़की, यूट्यूबर ने शादी से किया मना, मचा हाई वोल्टेज ड्रामा
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल का प्रमुख मकसद मरीजों को समय पर और पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं देना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी डॉक्टरों और फार्मासिस्ट को कड़ा संदेश दिया कि मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता हो।