जिस हाथ से बचपन में खाना खाया, आज उसे लेकर घूम रहा ITBP जवान…

कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बेहद भावुक और चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। आईटीबीपी जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ आइस बॉक्स में लेकर इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 20 May 2026, 1:07 PM IST

Kanpur: कानपुर में उस समय सनसनी फैल गई, जब आईटीबीपी जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ आइस बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी और फरियादी यह दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए।

जवान ने टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी मां के हाथ में संक्रमण फैल गया और बाद में जान बचाने के लिए डॉक्टरों को हाथ काटना पड़ा।

सांस की दिक्कत पर अस्पताल में कराया था भर्ती

फतेहपुर के हथगांव निवासी विकास सिंह महाराजपुर स्थित आईटीबीपी 32वीं वाहिनी में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि 13 मई को उनकी मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत हुई थी। पहले उन्हें आईटीबीपी अस्पताल ले जाया गया, जहां से दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

विकास के मुताबिक, जाम में फंसने के कारण वह मां को टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल ले गए, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।

हाथ में सूजन के बाद फैल गया संक्रमण

जवान का आरोप है कि अगले दिन जब वह मां से मिलने पहुंचे तो उनके दाहिने हाथ में सूजन थी। अस्पताल स्टाफ को जानकारी देने पर केवल विगो हटाया गया और कहा गया कि सूजन ठीक हो जाएगी।

लेकिन कुछ ही घंटों में हाथ काला पड़ने लगा और सूजन तेजी से बढ़ गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों ने हाथ में गंभीर संक्रमण की पुष्टि की। बाद में 17 मई को डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा।

‘थाने से लेकर ACP ऑफिस तक नहीं हुई सुनवाई’

विकास सिंह का आरोप है कि उन्होंने कृष्णा हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ रेलबाजार थाने और एडीसीपी पूर्वी से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद उन्होंने आईटीबीपी अधिकारियों को पूरी जानकारी दी और उनकी अनुमति से मंगलवार को मां का कटा हाथ आइस बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे।

Police Commissioner ने CMO से मांगी रिपोर्ट

पुलिस कमिश्नर Raghubir Lal को मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सीएमओ से जांच रिपोर्ट तलब की है। वहीं रेलबाजार थाने को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छह महीने पहले ITBP Panel से हट चुका था Hospital

आईटीबीपी के संपर्क अधिकारी अर्पित सिंह ने बताया कि पहले भी कृष्णा हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। कई मामलों के बाद करीब छह महीने पहले अस्पताल को आईटीबीपी के मेडिकल पैनल से बाहर कर दिया गया था।

‘जिस हाथ से मां ने खाना खिलाया, उसी को लेकर इंसाफ मांग रहा हूं’

पुलिस कमिश्नर कार्यालय में अपनी बात बताते हुए विकास सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मां ने जिस हाथ से बचपन में खाना खिलाया, आज उसी हाथ को लेकर इंसाफ मांगने के लिए घूम रहा हूं। मां को सांस की दिक्कत थी, लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने उनका हाथ छीन लिया।”

Location :  Kanpur

Published :  20 May 2026, 1:07 PM IST