
घर का इकलौता चिराग बुझा
Deoria: देवरिया में नशा मुक्ति केंद्र एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। जिले के बेलडाढ़ रोड स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती बीटेक छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने केंद्र संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवक को ओवरडोज दवा दी गई, जिससे उसकी जान चली गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी केंद्र में चार दिन पहले भी एक युवक की मौत हो चुकी थी। लगातार दूसरी मौत के बाद अब केंद्र की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान रितेश राव (38) पुत्र स्वर्गीय सुरेश राव निवासी राघवनगर, सदर कोतवाली क्षेत्र के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि रितेश को 11 मई को नशे की लत छुड़ाने के लिए बेलडाढ़ रोड स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। रितेश पढ़ाई-लिखाई में अच्छा था और बीटेक की पढ़ाई कर चुका था। वह परिवार का इकलौता बेटा था।
परिवार के मुताबिक, सोमवार शाम नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया कि रितेश की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उसे घर ले जाएं। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो रितेश की हालत बेहद गंभीर थी। इसके बाद उसे तुरंत देवरिया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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रितेश की मौत के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां गायत्री राव का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नशा मुक्ति केंद्र में रितेश को जरूरत से ज्यादा दवाएं दी गईं, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। उन्होंने केंद्र संचालक और कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इसी नशा मुक्ति केंद्र में 22 मई को भी एक युवक की मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान सुरेश यादव (37) पुत्र लालबचन निवासी तिलई बेलवा, सदर कोतवाली क्षेत्र के रूप में हुई थी। लगातार दो मौतों के बाद अब स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। लोग नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था और इलाज के तरीकों पर सवाल उठा रहे हैं।
परिवार के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज और देखभाल मिलती तो शायद रितेश की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि लगातार हो रही मौतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
रितेश अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसकी मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और रिश्तेदार लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
Location : Deoria
Published : 26 May 2026, 4:41 PM IST