
श्यामगंज में कई गोदामों पर छापा (IMG: Dynamite News)
Bareilly: बरेली में अचानक चीनी के दाम बढ़ने से बाजार में हलचल मच गई है। फुटकर बाजार में चीनी 70 रुपये किलो तक पहुंच गई तो प्रशासन भी हरकत में आ गया। सोमवार को डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह और डिप्टी आरएमओ अतुल कुमार वशिष्ठ की संयुक्त टीम ने श्यामगंज इलाके में चीनी डिस्ट्रीब्यूटर्स के कई प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक की सीमा निर्धारित की गई है। कोई भी व्यापारी 4000 क्विंटल यानी 400 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का भंडारण नहीं कर सकता। छापेमारी के दौरान श्यामगंज के अग्रवाल ट्रेडर्स समेत कई प्रतिष्ठानों पर टीम ने स्टॉक की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में कारोबारियों के पास निर्धारित सीमा से ज्यादा चीनी नहीं मिली। फिलहाल किसी प्रतिष्ठान पर जमाखोरी का मामला भी सामने नहीं आया है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने साफ कहा कि बरेली में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है। बाजार में चीनी की कमी या बड़े स्तर पर जमाखोरी जैसी स्थिति अभी सामने नहीं आई है। उन्होंने लोगों से चीनी की कमी को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि बाजार में कीमत बढ़ने का असर केवल स्थानीय स्तर पर नहीं है, बल्कि मिलों और शासन स्तर से आने वाले दाम का भी बाजार पर प्रभाव पड़ रहा है।
चीनी के दाम में अचानक आई तेजी को लेकर स्टॉकिस्ट अग्रवाल ट्रेडर्स के संचालक रोहित अग्रवाल ने बाजार की स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक जिस चीनी का थोक भाव करीब 40 से 50 रुपये किलो के आसपास था, वह अब बढ़कर 61 से 62 रुपये किलो तक पहुंच गया है। कारोबारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और आने वाले पेराई सत्र में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका के चलते चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। थोक बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर फुटकर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
चीनी कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पहले चीनी का एक ट्रक करीब 10 से 12 लाख रुपये में आता था। अब उसी ट्रक की कीमत करीब 15 लाख रुपये तक पहुंच गई है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण वे भी बड़े स्तर पर स्टॉक करने से बच रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर अचानक चीनी के दाम नीचे आ गए तो जमा किया हुआ माल महंगा पड़ सकता है और कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
चीनी के दाम में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और ईद मिलादुन्नबी जैसे त्योहार नजदीक हैं। त्योहारों के दौरान मिठाई, पकवान और अन्य खाद्य सामग्री में चीनी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर घर के बजट के साथ-साथ मिठाई कारोबार पर भी पड़ सकता है। बाजार में कीमत बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं को त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य सामान भी महंगा मिलने की आशंका है।
श्यामगंज में हुई छापेमारी के बाद फिलहाल प्रशासन को बड़ी जमाखोरी नहीं मिली है। लेकिन फुटकर कीमत 70 रुपये किलो तक पहुंचने के कारण अधिकारियों की निगरानी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि बरेली में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराकर जरूरत से ज्यादा चीनी खरीदने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने कारोबारियों को भी निर्धारित स्टॉक सीमा का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
Location : Bareilly
Published : 24 August 2026, 5:42 PM IST