
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने खुद संभाली कमान (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: शनिवार को अचानक बदले मौसम ने जिले के दक्षिणांचल में जमकर कहर बरपाया। खजनी तहसील क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश के दौरान कई जगह पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और बिजली के पोल पर जा गिरे। कहीं रास्ते बंद हुए तो कहीं बिजली के तार और पोल टूटने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और दर्जनों बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होने की सूचना से ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली संकट बना रहा। मौसम के बिगड़े हालात को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बहाली का काम शुरू कराया गया।
तेज हवा और बारिश का सबसे ज्यादा असर खजनी तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दिखाई दिया। खजनी, गंगटही और उनवल-सहजनवा-नौसढ़-बररुआ फीडर क्षेत्रों में कई जगह बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ों के गिरने से विद्युत लाइनों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, तेज हवा के दौरान कई स्थानों पर अचानक पेड़ गिरने लगे। कुछ पेड़ सीधे बिजली की लाइनों और पोल पर जा गिरे।
बारिश और तेज हवा के कारण केवल बिजली व्यवस्था ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि कई मार्गों पर आवागमन भी बाधित हो गया। पेड़ों के सड़कों पर गिरने से लोगों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ा। कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों और संबंधित टीमों की मदद से पेड़ों को हटाने का काम कराया गया। लगातार बारिश के बीच सड़क पर गिरे पेड़ों और टूटे बिजली के तारों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
मौसम से जुड़ी आपदा की स्थिति को देखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट खजनी कुणाल रस्तोगी पूरे दिन सक्रिय रहे। उन्होंने तहसील क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों का मौके पर पहुंचकर भौतिक सर्वेक्षण किया और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। बेलघाट क्षेत्र के गांवों से लेकर खजनी तक कई स्थानों का निरीक्षण किया गया। जहां पेड़ गिरने, बिजली के पोल टूटने या रास्ते बाधित होने की जानकारी मिली, वहां संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि राहत और बहाली का काम कितनी तेजी से चल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी स्थान पर समस्या की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।
क्षतिग्रस्त विद्युत व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए बिजली विभाग की टीमों को भी सक्रिय किया गया। टूटे पोल, क्षतिग्रस्त तार और ट्रांसफार्मर की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। खासकर बारिश के बीच टूटे तारों के आसपास लोगों की आवाजाही रोकने और किसी संभावित हादसे से बचने के लिए सतर्कता बरतने को कहा गया।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान बेलघाट क्षेत्र के गांवों से लेकर खजनी तक प्रभावित इलाकों की स्थिति देखी गई। प्रशासन की प्राथमिकता सड़क मार्गों को सुचारु कराने और बिजली व्यवस्था को जल्द बहाल कराने की रही। अचानक बदले मौसम के कारण ग्रामीण इलाकों में कई लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रशासनिक और विभागीय टीमों के सक्रिय होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली का काम शुरू कर दिया गया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मौसम से संबंधित किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराया जाए। उन्होंने प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल करने को कहा। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पेड़ गिरने, बिजली के पोल टूटने या रास्ता बाधित होने जैसी घटनाओं में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
Location : Gorakhpur
Published : 26 September 2026, 6:55 PM IST