सोनभद्र के जुगैल में हत्या के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया। मृतक शिवचरन गोड़ की गला दबाकर हत्या की गई थी। अभियुक्तों ने शराब के नशे में आपसी रंजिश और जादू-टोना का विवाद हत्या की वजह बताई। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर विधिक कार्रवाई की।

तीन अभियुक्त गिरफ्तार
Sonbhadra: उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र में हत्या के एक गंभीर मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। 14 मार्च 2026 को वादी श्रीमती इश्रावती ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति शिवचरन गोड़ को राम प्रसाद मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया और उसके बाद वह लापता हो गए।
इस मामले में पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू की। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने अभियान तेज़ कर दिया।
गहन जांच के बाद पुलिस ने 03 अप्रैल 2026 को ग्राम चौरा टोला बिजौरा से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में राम प्रसाद (45), छोटे लाल (40) और परसराम उर्फ सरवन उर्फ सुखदेव (22) शामिल हैं।
Sonbhadra: फर्जी फर्म से 70 लाख का GST घोटाला, आरोपी गिरफ्तार
पूछताछ में अभियुक्तों ने हत्या की पूरी कहानी बयान की। उन्होंने बताया कि शराब के नशे में आपसी रंजिश और जादू-टोना के संदेह के कारण उन्होंने शिवचरन गोड़ की हत्या की। मृतक का गला दबाकर हत्या की गई और शव को सोन नदी किनारे ‘गुजरी’ नामक स्थान पर फेंककर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया गया।
इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और विवादों की भी वजह बताई गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता के साथ सुलझाने का अभियान चलाया। थाना जुगैल पर मु0अ0सं0 38/2026 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस और 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जुगैल पुलिस की इस तेज़ कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में प्रशासन पर विश्वास बढ़ाया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और क्षेत्रीय निगरानी का पूरा उपयोग कर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने अभियुक्तों को विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया। इससे इलाके में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के लिए चेतावनी देने में मदद मिली। स्थानीय लोग पुलिस की इस तत्परता से संतुष्ट हैं और प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना कर रहे हैं।
विशेष रूप से, इस मामले में पुलिस ने यह भी दिखाया कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, सही रणनीति और सतर्कता से दोषियों को पकड़ा जा सकता है। अब पुलिस मामले की अंतिम जांच कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि न्याय प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चले।