
मिड-डे मिल वाले वीडियो के बाद प्रशासन सख्त (Img: Dynamite News)
Sitapur: सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सीतापुर के महमूदाबाद विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय छंगापुर में बच्चों को जली हुई रोटियां और पानी जैसी सब्जी परोसने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद हुई जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया, रसोइया की सेवाएं समाप्त कर दी गईं और अब दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
पूरा मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में सरकारी स्कूल के बच्चों की थाली में जली हुई रोटियां और बेहद पतली, पानी जैसी आलू-तोरई की सब्जी दिखाई दे रही थी। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच कराई। जांच टीम ने स्कूल पहुंचकर बच्चों से बातचीत की और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, विद्यालय में पढ़ने वाले 63 बच्चों को तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया गया था। बच्चों ने भी जांच टीम के सामने स्वीकार किया कि उन्हें कई दिनों से खराब गुणवत्ता का भोजन मिल रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि दूध वितरण में भी नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा मिड-डे मील योजना के निर्धारित मानकों का उल्लंघन किया गया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया। वहीं रसोइया अनीता की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। इतना ही नहीं, दोनों के खिलाफ महमूदाबाद कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि मामले में कानूनी और विभागीय दोनों स्तरों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों को एक महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी मिड-डे मील व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी गई है। अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर कहीं भी लापरवाही मिली तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Location : Sitapur
Published : 6 August 2026, 6:51 PM IST
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