
मरीजों को ले जाने वाले वाहन में ले जाया जा रहा शव
पश्चिम चंपारण: जिले के नरकटियागंज प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब विद्यालय के दो शिक्षकों के कथित आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर छात्रों ने अभिभावकों से शिकायत की।
बच्चों की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए और दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पढ़ाई शुरू होने के कुछ समय बाद कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने शिक्षक रामप्रवेश पासवान और शिक्षिका गीतांजलि कुमारी को कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसके बाद छात्रों ने इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापिका और अपने अभिभावकों को जानकारी दी।
सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए और परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। आक्रोशित अभिभावकों ने दोनों शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान है और वहां इस तरह की घटनाओं के आरोप बेहद गंभीर हैं। उनका कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थिति बिगड़ती देख विद्यालय प्रशासन ने तुरंत शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आवश्यक कार्रवाई, जिसमें निलंबन की अनुशंसा भी शामिल हो सकती है, के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उ
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। दूसरी ओर, आरोपित शिक्षक रामप्रवेश पासवान ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की साजिश रची जा रही है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विश्वास जताया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है। अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं और मामले में किस प्रकार की विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों में जवाबदेही को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
Location : Pratapgarh
Published : 28 July 2026, 12:46 AM IST