डीआईजी ऑफिस में हाईवोल्टेज ड्रामा, हिरासत में सांसद इकरा हसन… गरमाई वेस्ट यूपी की राजनीति

सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय पर विरोध के दौरान कैराना सांसद इकरा हसन को हिरासत में लिया गया, जिससे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। रिहाई के बाद उन्होंने सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 19 May 2026, 4:19 PM IST

Saharanpur : उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब कैराना सांसद इकरा हसन को डीआईजी कार्यालय में विरोध दर्ज कराने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह पूरा मामला अब सिर्फ प्रशासनिक विवाद नहीं रहा बल्कि सत्ता बनाम विपक्ष की सीधी जंग बनता नजर आ रहा है। कुछ ही देर बाद सांसद को रिहा  कर दिया गया।

पीड़ित परिवार के साथ पहुंचीं सांसद

मामला उस वक्त शुरू हुआ जब सांसद इकरा हसन अपने क्षेत्र शामली के गांव दसाला की एक पीड़ित महिला को लेकर डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंचीं। महिला का आरोप है कि उसके बेटे की हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। न्याय की इसी लड़ाई को लेकर सांसद खुद पीड़िता के साथ सीधे डीआईजी कार्यालय पहुंचीं, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई।

डीआईजी ऑफिस में टकराव, बढ़ा तनाव

सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब डीआईजी अभिषेक सिंह ने पीड़ित महिला की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने की बात कही। इसी पर सांसद इकरा हसन भड़क उठीं और उन्होंने मौके पर ही विरोध दर्ज कराया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और सांसद को हिरासत में लेकर महिला थाने भेज दिया। कुछ ही समय बाद सांसद को रिहा कर दिया गया और पुलिस एस्कॉर्ट के साथ रवाना किया गया, लेकिन तब तक मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका था।

रिहाई के बाद सरकार पर सीधा हमला

रिहाई के बाद सांसद इकरा हसन ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध बेलगाम हो चुका है, हत्या के मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही और पीड़ितों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता न्याय मांगने पहुंचती है तो उसे ही परेशान किया जाता है।

कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल

सांसद ने यह भी कहा कि शामली और आसपास के इलाकों में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।

Location :  Saharanpur

Published :  19 May 2026, 4:17 PM IST