राजनीतिक साजिश पर भारी पड़ा सच! साध्वी निरंजन ज्योति को क्लीन चिट; जानें किस मामले में मिली राहत

जन लोकपाल अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को क्लीन चिट दी। राजनीतिक द्वेष से लगाए गए सभी आरोप सिरे से खारिज, समर्थकों में खुशी की लहर।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 6 February 2026, 4:24 PM IST

Fatehpur: राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप, साजिशें और चरित्र हनन कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब किसी जनप्रतिनिधि को योजनाबद्ध तरीके से बदनाम करने की कोशिश हो और मामला अदालत तक पहुंचे, तो सच्चाई का सामने आना भी उतना ही जरूरी हो जाता है। फतेहपुर जिले की पूर्व सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लगाए गए आरोप भी कुछ ऐसे ही थे। अब इस पूरे प्रकरण पर जन लोकपाल अदालत ने बड़ा और साफ फैसला सुनाते हुए साध्वी निरंजन ज्योति को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है। लोकपाल की पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय पीठ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह फैसला 2 फरवरी को सुनाया गया।

राजनीतिक द्वेष से शुरू हुआ विवाद

पूर्व सांसद कार्यालय के प्रवक्ता और भाजपा जिला मंत्री शिव प्रताप सिंह ने बताया कि साल 2025 में भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर साध्वी निरंजन ज्योति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। प्रेस और सोशल मीडिया के जरिए साध्वी पर आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे जिले की राजनीति में भूचाल आ गया था। यह मामला सिर्फ आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक सुनियोजित बदनाम करने की कोशिश के तौर पर देखा गया।

पार्टी के भीतर ही निशाने पर नेता

इतना ही नहीं, उस समय साध्वी के साथ पार्टी के दो अन्य वरिष्ठ स्थानीय नेताओं को भी निशाने पर लिया गया था। इसे अंदरूनी राजनीति और व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा माना गया। मामला जब गंभीर हुआ तो इसकी सुनवाई लोकपाल की पांच सदस्यीय पीठ ने की, जिसमें जस्टिस ए.एम. खानविलकर, संजय यादव, सुशील चंद्र, ऋतुराज अवस्थी और अजय तिर्की शामिल रहे।

अदालत में पेश हुए ठोस सबूत

साध्वी निरंजन ज्योति की ओर से अधिवक्ता जगदीश चंद्र ने अदालत में मजबूत पक्ष रखा। हलफनामों और दस्तावेजी साक्ष्यों के जरिए एक-एक आरोप का तथ्यात्मक खंडन किया गया। लोकपाल पीठ ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों का गहराई से अध्ययन किया और साफ कहा कि आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। अदालत ने माना कि यह पूरा मामला सिर्फ उनकी सार्वजनिक छवि खराब करने के इरादे से रचा गया था।

फैसला और सियासी संदेश

लोकपाल अदालत ने प्रकरण को पूरी तरह खारिज करते हुए साध्वी निरंजन ज्योति को क्लीन चिट दे दी। फैसले के बाद शिव प्रताप सिंह ने कहा कि यह सत्य की जीत है और उन लोगों के लिए सख्त संदेश है, जो निजी रंजिश में नेताओं को बदनाम करने की राजनीति करते हैं। फैसले के बाद साध्वी समर्थकों में खुशी की लहर देखी गई और जिले में इस निर्णय को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

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  • Fatehpur

Published : 
  • 6 February 2026, 4:24 PM IST