बारिश से फसल बर्बाद हुई तो 72 घंटे में करें ये काम, वरना अटक सकता है बीमा क्लेम; हाथरस में किसानों को अलर्ट

हाथरस में 25 सितंबर से हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसल नुकसान की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को 72 घंटे के भीतर फसल क्षति की सूचना देने को कहा है। किसान 14447 कृषि रक्षक हेल्पलाइन, अधिकृत बीमा प्रतिनिधि या उप कृषि निदेशक कार्यालय के जरिए नुकसान की जानकारी दर्ज करा सकते हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 27 September 2026, 3:33 PM IST

Hathras: जनपद में 25 सितंबर से कई इलाकों में हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने के बाद कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने वाले किसानों के लिए जरूरी सूचना जारी की है। विभाग ने साफ कहा है कि जिन किसानों की बीमित फसल को बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है, वे नुकसान की सूचना 72 घंटे यानी तीन दिन के भीतर जरूर दर्ज कराएं।

उप कृषि निदेशक सतेंद्र सिंह ने बीमित किसानों से अपील की है कि वे फसल नुकसान की जानकारी समयसीमा के भीतर संबंधित विभाग या बीमा कंपनी तक पहुंचाएं। समय पर सूचना मिलने के बाद नियमानुसार फसल क्षति का सर्वे और आकलन कराया जा सकेगा।

72 घंटे के अंदर देनी होगी सूचना

कृषि विभाग के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसानों को फसल में हुए नुकसान की जानकारी निर्धारित समय के भीतर देनी होती है। हाथरस में 25 सितंबर से हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण जिन किसानों की बीमित फसल प्रभावित हुई है, वे 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना दर्ज करा सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सूचना देने में देरी न करें। निर्धारित समयसीमा में सूचना दर्ज होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत बीमा कंपनी द्वारा फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराया जाएगा।

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14447 पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत

फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने के लिए किसान कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसान यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि से भी संपर्क कर सकते हैं। किसान चाहें तो अलीगढ़ रोड स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में आवेदन देकर भी अपनी फसल को हुए नुकसान की सूचना दे सकते हैं। विभाग ने किसानों से कहा है कि नुकसान की जानकारी देने के लिए उपलब्ध माध्यमों में से किसी एक के जरिए समय पर सूचना दर्ज कराएं।

होगा फसल नुकसान का आकलन

किसान द्वारा फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने के बाद संबंधित बीमा कंपनी की ओर से नियमानुसार सर्वेक्षण और क्षति का आकलन कराया जाएगा। इसके बाद योजना के प्रावधानों और किसान की पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली विभिन्न प्रकार की फसल क्षति के लिए प्रावधान किए गए हैं। कुछ मामलों में स्थानीय स्तर पर हुई आपदा या फसल कटाई के बाद हुए निर्धारित नुकसान का आकलन प्रभावित खेत के स्तर पर भी किया जा सकता है।

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किसान समयसीमा का रखें खास ध्यान

बारिश के बाद फसल नुकसान झेल रहे किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे 72 घंटे की समयसीमा को नजरअंदाज न करें। नुकसान की सूचना जितनी जल्दी दर्ज होगी, उतनी ही जल्दी संबंधित प्रक्रिया के तहत सर्वे और आकलन कराया जा सकेगा। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी बीमा पॉलिसी और आवेदन से संबंधित जानकारी सुरक्षित रखें और फसल नुकसान होने की स्थिति में तुरंत सूचना दर्ज कराएं। किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी पॉलिसी या आवेदन की स्थिति भी जांच सकते हैं।

Location :  Hathras

Published :  27 September 2026, 3:33 PM IST