रामपुर: जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई के विरोध में पांचवें दिन भी धरना जारी, छात्रों ने कहा- इमारत गिरानी है तो…

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब पांचवें दिन भी जारी है। आरडीए के नोटिस के खिलाफ छात्रों ने मोर्चा संभाल लिया है और उनके कुछ बयान चर्चा का विषय बन गए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि छात्र इतने आक्रोशित हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 22 July 2026, 8:55 PM IST

Rampur: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में आरडीए (रामपुर विकास प्राधिकरण) द्वारा वर्ष 2006 में निर्मित भवनों को ध्वस्त करने के नोटिस के विरोध में छात्रों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, पूर्व छात्र, स्थानीय नागरिक और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल हुए।

 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय की इमारतों को गिराने का आदेश केवल एक संस्थान पर कार्रवाई नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आघात है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए इसे देशभर में शिक्षा संस्थानों पर बढ़ते दबाव का उदाहरण बताया।

पूर्व छात्र भी आंदोलन में हुए शामिल

धरने में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने भी भाग लिया और छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल वर्तमान छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय का आंदोलन है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक भी धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

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सीजेपी और जंतर-मंतर आंदोलन का दिया उदाहरण

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने हाल ही में हुए सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई जा रही है। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियां शिक्षा संस्थानों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं।

 

'इमारत गिरानी है तो हमें भी उसके नीचे दफना दो'

धरने के दौरान एक छात्र ने भावुक होकर कहा, "अगर प्रशासन विश्वविद्यालय की इमारतों को गिराना चाहता है तो पहले हमें उन्हीं इमारतों के अंदर दफना दे। जब तक यह काला आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी छात्र धरना स्थल नहीं छोड़ेगा।" छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश वापस लिए जाने तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

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प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल आरडीए या जिला प्रशासन की ओर से छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं विश्वविद्यालय गेट पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कह रहे हैं

Location :  Rampur

Published :  22 July 2026, 8:55 PM IST