राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा उलटफेर! इस्तीफे के बाद हर कोई पूछ रहा- आखिर कौन हैं चंपत राय?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय के इस्तीफे की चर्चा तेज है। बिजनौर के रहने वाले चंपत राय ने नौकरी छोड़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दामन थामा था। अब पूरे मामले में जांच और ट्रस्ट के पुनर्गठन की तैयारी चल रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 June 2026, 12:41 PM IST

Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि संघ परिवार और केंद्र स्तर पर लगातार मंथन के बाद यह फैसला लिया गया। अब पूरे मामले की जांच जारी है और ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी तैयारी की जा रही है।

बिजनौर के नगीना से शुरू हुआ सफर

चंपत राय का जन्म 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना कस्बे में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा नगीना में प्राप्त की। इसके बाद मेरठ कॉलेज से बीएससी और वर्धमान कॉलेज, बिजनौर से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1972 में वह धामपुर के आरएसएम कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता बने।

नौकरी छोड़ RSS से जुड़े, आपातकाल में रहे जेल

करीब एक दशक तक अध्यापन करने के बाद चंपत राय ने वर्ष 1980-81 में कॉलेज की नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यों से जुड़ गए। इससे पहले वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था और करीब 18 महीने तक जेल में रहना पड़ा। इसके बाद उन्होंने खुद को सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के लिए समर्पित कर दिया।

राम मंदिर आंदोलन में निभाई अहम भूमिका

चंपत राय लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव के रूप में भी उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही।

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परिवार और समर्थकों ने बताया ईमानदार

चंपत राय के परिवार और उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और राम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया। उनके भाई सुनील बंसल ने आरोपों को राजनीतिक बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं स्थानीय लोगों और विहिप से जुड़े पदाधिकारियों ने भी चंपत राय की ईमानदारी और सादगी का हवाला देते हुए उन पर लगे आरोपों को निराधार बताया।

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अब ट्रस्ट के पुनर्गठन की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। आगामी बैठक में ट्रस्ट के पुनर्गठन, नई जिम्मेदारियों के बंटवारे और चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर चर्चा होने की संभावना है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Location :  Ayodhya

Published :  28 June 2026, 12:41 PM IST