राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: आभूषणों के मूल्यांकन से कर्मचारियों की संपत्ति तक, SIT की जांच कई पहलुओं पर केंद्रित

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। आभूषणों के मूल्यांकन, कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति, सुरक्षा व्यवस्था तथा ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 June 2026, 8:40 PM IST

Ayodhya: उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान प्रबंधन को लेकर उठे सवालों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी जांच के अंतिम चरण में पहुंच गई है। छह दिनों तक अयोध्या में रहकर दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ करने के बाद टीम लखनऊ लौट चुकी है। सूत्रों के अनुसार, जांच के आधार पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी कई तरह के आरोप और दावे सामने आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया।

महाकुंभ 2025 के चढ़ावे पर विशेष फोकस

जांच के दौरान SIT ने वर्ष 2025 के महाकुंभ काल पर विशेष ध्यान दिया। टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के अनुपात में मंदिर में प्राप्त चढ़ावे में बढ़ोतरी हुई थी या नहीं। इसके अलावा प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले और उसके बाद मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के आंकड़ों की भी तुलना की गई है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्राप्त दान और उपलब्ध रिकॉर्ड में कोई असंगति तो नहीं है।

आभूषणों के मूल्यांकन की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में

SIT की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू चढ़ावे में प्राप्त सोने, चांदी, हीरे और अन्य बहुमूल्य आभूषणों का मूल्यांकन है। टीम यह जांच कर रही है कि आभूषणों की कीमत निर्धारित करने की प्रक्रिया किस प्रकार अपनाई जाती थी। जांचकर्ताओं ने यह भी देखा है कि कहीं किसी आभूषण का वास्तविक मूल्य कम दिखाकर रिकॉर्ड तैयार तो नहीं किया गया। इस कारण मूल्यांकन से जुड़े कर्मचारियों और प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।

कर्मचारियों और रिश्तेदारों की आर्थिक स्थिति की पड़ताल

जांच के दौरान SIT ने मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों की आर्थिक स्थिति का भी अध्ययन किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं किसी कर्मचारी या उसके परिजन के नाम पर असामान्य रूप से संपत्ति या कारोबार तो नहीं बढ़ा है। साथ ही लंबे समय से मंदिर परिसर में कार्यरत कुछ कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है।

भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच

SIT ने मंदिर में कर्मचारियों की भर्ती से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की है। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि भर्ती के समय क्या मानदंड अपनाए गए थे और चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी थी। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था, चढ़ावे की निगरानी और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया है।

100 से अधिक लोगों से हुई पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान 100 से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लिया गया। एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

जांच पूरी करने के लिए SIT को 15 दिन का समय दिया गया था, जबकि प्रारंभिक रिपोर्ट सात दिनों के भीतर सौंपनी थी। अब जांच दल अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रहा है।फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है और किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। अंतिम निष्कर्ष सरकार द्वारा रिपोर्ट का अध्ययन करने और आधिकारिक जानकारी जारी करने के बाद ही सामने आएंगे। राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी निष्कर्ष को लेकर लोगों की निगाहें अब सरकार और SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

Location :  Ayodhya

Published :  23 June 2026, 8:40 PM IST