राम मंदिर दान मामले में पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से फिर होगी पूछताछ, SIT ने तेज की जांच दान और चढ़ावे की जांच ने पकड़ी रफ्तार

राम मंदिर के दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। बैंक कर्मचारियों के बयान के बाद एसआईटी की नजर अब ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर है। पूछताछ की तैयारी शुरू हो चुकी है और कई अहम दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 July 2026, 4:52 PM IST

Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार सबूत जुटाने में लगी है। बैंक कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के बाद अब जांच का दायरा ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों तक पहुंच गया है। इसी कड़ी में पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से भी जल्द पूछताछ की जा सकती है।

पूर्व ट्रस्टी को नोटिस भेजने की तैयारी

जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, डॉ. अनिल मिश्रा का बयान दर्ज करने की तैयारी चल रही है। उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एसआईटी बैंक रिकॉर्ड, दान से जुड़े दस्तावेज और अब तक जुटाए गए अन्य सबूतों के आधार पर उनसे सवाल करेगी। माना जा रहा है कि इस पूछताछ से जांच को नई दिशा मिल सकती है।

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बैंक कर्मचारियों के बयान पहले ही हो चुके दर्ज

इस मामले में सबसे पहले मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले बैंक कर्मचारियों के बयान लिए गए थे। जांच टीम ने उनके जरिए दान की गिनती, रिकॉर्ड और जमा प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जुटाई है। अब ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी नई SIT

20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई। इस टीम में अयोध्या रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमेन वर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया गया है। 26 जुलाई को सरकार ने इस जांच टीम का आधिकारिक पुनर्गठन भी किया, जिसके बाद जांच की गति और तेज हो गई।

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ट्रस्ट ने भी किए कई अहम फैसले

जांच के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी विशेष बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। ट्रस्ट ने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को फिलहाल करीब एक महीने के लिए टाल दिया। साथ ही, लोगों तक मंदिर से जुड़ी जानकारी बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया गया।

इसके अलावा पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को मंजूरी दी गई और मंदिर परिसर में पूजा-पद्धति, धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति के पुनर्गठन का भी फैसला लिया गया।

Location :  Ayodhya

Published :  30 July 2026, 4:52 PM IST