
बारिश ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार (IMG: X)
Prayagraj: लगातार बारिश ने शनिवार सुबह प्रयागराज-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार थाम दी। मानिकपुर-सतना रेलखंड के चितहरा रेलवे स्टेशन के आसपास हालात ऐसे हो गए कि रेलवे की अप और डाउन दोनों लाइनें पानी में डूब गईं। ट्रैक पर पानी भरने की सूचना मिलते ही रेल विभाग में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को देखते हुए प्रयागराज से मुंबई की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक रेल संचालन प्रभावित रहा।
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह भारी बारिश के कारण चितहरा रेलवे स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक पर तेजी से पानी भर गया। अप और डाउन दोनों लाइनों पर जलभराव होने के बाद ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को लेकर रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय, जबलपुर की ओर से प्रयागराज मंडल के कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल प्रभावित रूट पर ट्रेनों को नियंत्रित करने का फैसला लिया।
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जलभराव की सूचना मिलने के बाद प्रयागराज-मुंबई रूट पर आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रास्ते में ही रोक दिया गया। 12428 आनंद विहार-रीवा एक्सप्रेस को मानिकपुर स्टेशन पर रोका गया। इसी तरह 13201 राजेंद्र नगर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल ट्रेन को डभौरा स्टेशन पर रोकना पड़ा। 11304 दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस को बरगढ़ स्टेशन पर और 09344 पटना-डॉ. अंबेडकरनगर स्पेशल को प्रयागराज के शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया।
जलभराव के बीच चितहरा रेलवे स्टेशन के आसपास दो मालगाड़ियां भी प्रभावित हुईं। दोनों मालगाड़ियों के लोको पायलटों ने कंट्रोल रूम को ट्रैक पर भरे पानी का वीडियो साझा किया। वीडियो के जरिए अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति का अंदाजा हुआ। इसके बाद रेलवे ने ट्रैक की निगरानी और सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
जलभराव वाले हिस्से में स्थिति का आकलन करने के बाद रेलवे ने कॉशन लेकर मालगाड़ियों को धीमी गति से आगे बढ़ाया। कॉशन का मतलब ऐसे हिस्से में ट्रेनों को निर्धारित सामान्य गति के बजाय कम रफ्तार से चलाने की विशेष सावधानी से है। रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने ट्रैक पर पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी। इस दौरान कोशिश की गई कि जलभराव वाले हिस्से से ट्रेनें सुरक्षित तरीके से निकाली जा सकें।
सुबह करीब 10 बजे के बाद रेलवे ट्रैक से पानी निकलना शुरू हुआ। जलभराव कम होने और ट्रैक की स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई। करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहने के बाद रेल संचालन सामान्य होने से रेलवे अधिकारियों और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
Location : Prayagraj
Published : 29 August 2026, 3:21 PM IST
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