
किसान की बढ़ी चिंता (IMG: Gemini)
Deoria: पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने देवरिया के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल कई जगह तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई है। ऊपर से खेतों में पानी भरने के कारण गिरी हुई फसल खराब होने लगी है। कई खेतों में धान की बालियां पानी में डूबी हुई हैं और किसानों के मुताबिक कुछ जगहों पर सड़न भी शुरू हो गई है। धान के साथ-साथ सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी बारिश ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल कई जगह जमीन पर बिछ गई है। तेज हवाओं और बारिश के चलते पौधे गिरने के बाद बालियां पानी के संपर्क में हैं। इससे किसानों को आशंका है कि अगर मौसम जल्द नहीं सुधरा तो फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने के करीब थी। महीनों तक खेत में मेहनत और खर्च करने के बाद अब जब फसल काटने का समय आया तो बारिश ने पूरी तस्वीर बदल दी। खेत में गिरी फसल को देखकर किसान इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि अगर धान की गुणवत्ता खराब हो गई तो उसे बाजार में कौन खरीदेगा।
लगातार बारिश के बाद कई खेतों में पानी भर गया है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण धान की गिरी हुई फसल लंबे समय तक पानी में रहने से खराब होने लगी है। किसानों के मुताबिक कुछ जगहों पर फसल में सड़न भी दिखाई देने लगी है। धान की फसल के लिए इस समय बारिश का पानी खेत में ज्यादा देर तक जमा रहना किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। फसल तैयार होने के बावजूद अगर वह पानी में सड़ गई तो किसानों को उपज और उसकी कीमत दोनों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बारिश का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। ग्राम धमउर परशुराम में ग्रामीणों ने गांव के मुख्य मार्ग पर 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन का खंभा करीब 48 घंटे से गिरा होने की समस्या भी बताई। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्य रास्ते पर बिजली का खंभा गिरा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। साथ ही बिजली के तार और खंभे को लेकर ग्रामीणों में हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश ने धान की खेती के साथ सब्जी उत्पादकों की भी मुश्किल बढ़ा दी है। ग्राम पिपरा चंद्रभान में गोभी की खेती करने वाले एक किसान ने बताया कि उसने करीब 30 हजार रुपये की लागत लगाकर फसल तैयार की थी। किसान के मुताबिक, मूसलाधार बारिश के कारण गोभी की पूरी फसल खराब हो गई। फसल बर्बाद होने के बाद अब किसान को दोबारा खेती शुरू करने की तैयारी करनी पड़ रही है। उसने बताया कि वह दोबारा फसल लगाने के साथ दवा का छिड़काव भी कर रहा है। किसान के अनुसार, बारिश से उसे करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
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देवरिया के ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद खेतों की स्थिति देखकर किसानों की चिंता साफ नजर आ रही है। धान की तैयार फसल खेतों में गिरी पड़ी है, जबकि सब्जियों की फसल भी पानी और तेज बारिश की मार झेल रही है। किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर काफी पैसा खर्च होता है। ऐसे में तैयार फसल बर्बाद होने पर नुकसान सिर्फ खेत में खड़ी उपज का नहीं होता, बल्कि पूरी मेहनत और लागत प्रभावित होती है।
बारिश से हुए नुकसान के बाद किसानों को अब प्रशासन की ओर से फसल का सर्वे और आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अगर लगातार बारिश के कारण फसल खराब होती है तो नुकसान का आकलन कराया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। फिलहाल मौसम साफ होने का इंतजार किसानों के लिए सबसे अहम है। अगर बारिश थमती है तो किसान खेतों से अतिरिक्त पानी निकालकर बची हुई फसल को बचाने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन बारिश जारी रही तो किसानों के मुताबिक नुकसान और बढ़ सकता है।
Location : Deoria
Published : 27 September 2026, 2:00 PM IST