विश्वविद्यालय परिसरों में लैंगिक एवं जातिगत भेदभाव के खिलाफ यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को प्रभावी और सशक्त तरीके से लागू किए जाने की मांग को लेकर इंकलाबी नौजवान सभा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार नारेबाजी की।

यूजीसी एक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार नारेबाजी
Raebareli: विश्वविद्यालय परिसरों में लैंगिक एवं जातिगत भेदभाव के खिलाफ यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को प्रभावी और सशक्त तरीके से लागू किए जाने की मांग को लेकर इंकलाबी नौजवान सभा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पदाधिकारियों ने जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
आपको बता दें कि शुक्रवार, समय करीब 12:00 बजे, इंकलाबी नौजवान सभा के पदाधिकारी रायबरेली जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
सभा के जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा विश्वविद्यालय परिसरों में लैंगिक और जातिगत भेदभाव के खिलाफ बनाए गए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर अस्थायी रोक लगाना केंद्र सरकार की दोहरी मंशा को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कोई ठोस प्रतिवाद न किया जाना बेहद चिंताजनक है।
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सुरेश शर्मा ने आगे कहा कि यह रेगुलेशन रोहित वेमुला की मां और पायल तडवी के परिजनों की याचिकाओं के क्रम में पारित आदेशों के तहत तैयार किया गया था। इसके बावजूद उच्च न्यायालय द्वारा इसमें सुधार के निर्देश देने के बजाय रोक लगाना, विश्वविद्यालयों में बढ़ते लैंगिक और जातिगत भेदभाव के मामलों की अनदेखी को दर्शाता है।
इंकलाबी नौजवान सभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संभावित दुरुपयोग के आधार पर समानता की दिशा में उठाए गए एक महत्वपूर्ण कदम को रोक दिया गया है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग की कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को बिना देरी के पूरी तरह लागू किया जाए, ताकि शिक्षा संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।
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प्रदर्शन के दौरान सभा के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे और केंद्र सरकार व न्यायिक फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।