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यूक्रेन के ओडेसा में ड्रोन हमला (Pinterest)
Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के झूंसी इलाके का एक युवक यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए ड्रोन हमले के बाद से लापता है। लापता भारतीयों में झूंसी के निबिकाला गांव के रहने वाले 23 साल के रामचंद्र दुबे और रायबरेली के दिलीप गुप्ता शामिल हैं। हमले के दौरान अपनी जान बचाने के लिए दोनों ने समुद्र में छलांग लगा दी थी। घटना के कई दिन बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों में चिंता बढ़ रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 जुलाई को एक कमर्शियल जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ था। जहाज पर आठ लोग सवार थे, जिनमें कप्तान और चार भारतीय शामिल थे। परिवार वालों का कहना है कि हमले के दौरान कप्तान ने सभी को अपनी जान बचाने के लिए समुद्र में कूदने की सलाह दी; इसके बाद रामचंद्र और दिलीप ने छलांग लगा दी। तब से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
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रामचंद्र के पिता, रमेश दुबे, सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं। रामचंद्र ने पिछले साल फरवरी में एक शिपिंग कंपनी के जहाज़ पर नौकरी शुरू की थी और लगातार समुद्र में ही थे। 26 जुलाई को उनकी छोटी बहन सीमाक्षी दुबे को कंपनी के नोएडा ऑफिस से कॉल आया, जिसमें उन्हें जहाज पर हुए हमले और रामचंद्र के लापता होने की जानकारी दी गई।
घटना के बारे में पता चलने पर परिवार दिल्ली गया और यूक्रेन और भारत दोनों दूतावासों से संपर्क किया। परिवार का कहना है कि उन्हें भरोसा तो दिलाया गया है, लेकिन रामचंद्र के बारे में अभी तक कोई पक्की जानकारी नहीं मिली है। कीव में भारतीय दूतावास ने भी दोनों भारतीयों के लापता होने की पुष्टि की थी।
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परिवार के मुताबिक, रामचंद्र को आठ महीने की यात्रा पूरी करने के बाद सितंबर में घर लौटना था। हालांकि, उनके लौटने से पहले ही यह दुखद घटना हो गई। बेटे के लापता होने की खबर सुनकर उनकी मां कल्पना दुबे का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरा परिवार उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है।
Location : Prayagraj
Published : 29 July 2026, 2:40 PM IST