अपहरण की आशंका से मचा हड़कंप, मथुरा के आश्रम में मिले प्रयागराज के लापता ग्राम प्रधान

प्रयागराज के मनसैता गांव के लापता ग्राम प्रधान जानकी नाथ यादव को पुलिस ने मथुरा से सकुशल बरामद कर लिया। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी, लेकिन पूछताछ में पता चला कि वह पारिवारिक नाराजगी के चलते खुद घर छोड़कर चले गए थे।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 5 November 2026, 8:53 PM IST

Prayagraj : ग्राम प्रधान के अचानक लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई तो पुलिस ने कई टीमें लगाकर तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी से लेकर मोबाइल की लोकेशन तक खंगाली गई। आखिरकार सात दिन की तलाश के बाद ग्राम प्रधान मथुरा में सकुशल मिल गए। पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने अपहरण की आशंका को गलत साबित कर दिया। वह परिवार से नाराज होकर खुद घर छोड़कर चले गए थे।

अचानक लापता हो गए थे ग्राम प्रधान

मामला प्रयागराज कमिश्नरेट के थरवई थाना क्षेत्र के मनसैता गांव का है। यहां के ग्राम प्रधान और प्रशासक 29 वर्षीय जानकी नाथ यादव 29 अक्टूबर 2026 को अचानक लापता हो गए थे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो उनके भाई छत्रपाल ने 30 अक्टूबर को थाना थरवई में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार के लोग उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल रही थी।

अपहरण की आशंका पर दर्ज हुआ मुकदमा

तीन नवंबर को जानकी नाथ के भाई ने पुलिस को एक और प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उन्होंने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके भाई का अपहरण कर लिया है। इस शिकायत के बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(1) के तहत मुकदमा संख्या 281/2026 में तरमीम कर दिया। मामला गंभीर होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कीं।

13 टीमों ने संभाली तलाश की जिम्मेदारी

ग्राम प्रधान का पता लगाने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। सर्विलांस सेल की तीन टीमें मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण कर रही थीं। वहीं, पांच टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगाई गईं। तीन टीमें उनके रिश्तेदारों के यहां जाकर जानकारी जुटा रही थीं, जबकि थाना थरवई की दो टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस ने बीटीएस की मदद लेने के साथ डॉग स्क्वाड और एसडीआरएफ को भी तलाश अभियान में शामिल किया।

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फाफामऊ से लखनऊ और फिर आगरा होते हुए पहुंचे मथुरा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में जानकी नाथ यादव ने बताया कि वह पारिवारिक समस्याओं के चलते अपने परिजनों से नाराज थे। इसी वजह से उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया। वह पैदल कछार के रास्ते फाफामऊ पहुंचे। वहां अपने लिए कपड़े खरीदे और उन्हें पहनकर सुबह करीब छह बजे गंगा-गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ चले गए।

लखनऊ पहुंचने के बाद उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर चार से सुबह करीब 10:30 बजे जनरल टिकट लिया और ट्रेन से आगरा पहुंचे। इसके बाद आगरा से झेलम एक्सप्रेस पकड़कर मथुरा चले गए। वहां वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम में रुके हुए थे।

मथुरा से सकुशल बरामद हुए ग्राम प्रधान

लगातार तलाश और तकनीकी जांच के बाद थाना थरवई पुलिस तथा सर्विलांस सेल गंगानगर की संयुक्त टीम ने पांच नवंबर को जानकी नाथ यादव को मथुरा से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके साथ कोई अपहरण या अन्य आपराधिक घटना नहीं हुई है। वह पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। बरामदगी के बाद पुलिस नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

इस कार्रवाई में थाना थरवई के प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुखचैन तिवारी, उपनिरीक्षक रितेश उपाध्याय, उपनिरीक्षक आशीष कुमार यादव और कांस्टेबल प्रवीण द्विवेदी समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही।

Location :  Prayagraj

Published :  5 November 2026, 8:52 PM IST