Pratapgarh: मोहर्रम से पहले प्रतापगढ़ में बड़ी कार्रवाई, राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोग हाउस अरेस्ट

प्रतापगढ़ प्रशासन ने मोहर्रम के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया है। सभी के घरों पर नोटिस चस्पा कर पुलिस बल तैनात किया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 June 2026, 2:40 PM IST

Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी क्रम में कुण्ड़ा विधायक राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया है। सभी को गुरुवार सुबह 5 बजे से शुक्रवार रात 9 बजे तक भदरी महल में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने संबंधित लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है।

भदरी महल में चस्पा किया गया नोटिस

जानकारी के अनुसार, कुंडा कोतवाली पुलिस ने भदरी महल पहुंचकर हाउस अरेस्ट का नोटिस चस्पा किया। प्रशासन के आदेश के बाद संबंधित लोगों के आवागमन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

कई वर्षों से की जा रही है यह कार्रवाई

जिला प्रशासन द्वारा यह कदम कोई पहली बार नहीं उठाया गया है। पिछले कई वर्षों से मोहर्रम और ताजिया जुलूस के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए राजा उदय प्रताप सिंह और उनके समर्थकों को हाउस अरेस्ट किया जाता रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव की संभावना को कम किया जा सकता है और जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न कराया जा सकता है।

मोहर्रम जुलूस और भंडारे को लेकर रहता है विवाद

बताया जाता है कि मोहर्रम के दिन राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह की ओर से हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन करने की घोषणा की जाती रही है। हालांकि, प्रशासन इसकी अनुमति नहीं देता है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि जिस मार्ग से मोहर्रम का ताजिया जुलूस निकलता है, उसी रास्ते पर हनुमान मंदिर स्थित है। ऐसे में भीड़ और संभावित विवाद की आशंका को देखते हुए प्रशासन एहतियाती कदम उठाता है।

 वर्ष 2012 से शुरू हुआ था विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। उस समय कुंडा क्षेत्र के शेखपुर गांव में एक बंदर की मौत के बाद हनुमान मंदिर निर्माण और मोहर्रम के दिन भंडारे के आयोजन को लेकर विवाद पैदा हो गया था। घटना के बाद प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी शुरू की। तभी से हर साल मोहर्रम के अवसर पर राजा उदय प्रताप सिंह और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजरबंद किया जाता है।

प्रशासन ने क्या कहा

अपर पुलिस अधीक्षक बृजनंदन राय ने बताया कि मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजा उदय प्रताप सिंह सहित 13 व्यक्तियों के आवागमन पर 25 जून सुबह 5 बजे से 26 जून रात 9 बजे तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि मौके पर स्थानीय पुलिस तैनात है और आम लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।

शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता

प्रशासन का कहना है कि सभी धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

Location :  Pratapgarh

Published :  25 June 2026, 2:14 PM IST