
सपा नेताओं को पुलिस ने रोका
Meerut : जिले के रोहटा क्षेत्र में हुए चर्चित युवती हत्याकांड के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद सपा नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। घटना के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार रोहटा क्षेत्र के ग्राम उकसिया के जंगल में मिली युवती की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रवाना हुआ था। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी, जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक, नदीम चौहान, गौरव चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। सिवालखास विधानसभा से टिकट की दावेदारी करने वाले कुछ नेता भी इस दल का हिस्सा थे।
सपा नेताओं का आरोप है कि जब उनका काफिला पीड़ित परिवार के घर की ओर बढ़ रहा था, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन प्रशासन की ओर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद नेताओं ने मौके पर ही विरोध दर्ज कराया और पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वे पीड़ित परिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से आर्थिक सहायता सौंपने और संवेदना व्यक्त करने जा रहे थे। नेताओं ने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना उनका सामाजिक और मानवीय दायित्व है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार तक पहुंचने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और सहायता पहुंचाने का अधिकार है। नेताओं ने प्रशासन से इस कार्रवाई का कारण स्पष्ट करने की मांग की है।
Location : Meerut
Published : 16 June 2026, 6:37 AM IST