यूपी में मुख्यमंत्री के जनता दरबार और IGRS पोर्टल पर भरोसा टूटने के बाद बड़ी संख्या में फरियादी सपा मुख्यालय पहुंच रहे हैं। किसान झांझन लाल ने 8 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया, वहीं रायबरेली के राजेश यादव ने बेटे की हत्या के मामले में न्याय न मिलने की बात कही।

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
Lucknow: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर अपनी पीड़ा बताने के बाद भी जब लोगों को कार्रवाई की उम्मीद टूटती नजर आई तो अब बड़ी संख्या में फरियादी समाजवादी पार्टी मुख्यालय पहुंचने लगे हैं। सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। इन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सरकारी सिस्टम में उनकी सुनवाई नहीं हो रही, उल्टा IGRS पोर्टल पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतें बंद कर दी जाती हैं।
IGRS पोर्टल पर उठे गंभीर आरोप
फरियादियों का कहना है कि ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बची है। कई मामलों में बिना सही जांच के ही पोर्टल पर फर्जी रिपोर्ट अपलोड कर शिकायत को समाप्त दिखा दिया जाता है। ऐसे में आम आदमी खुद को ठगा और बेबस महसूस कर रहा है।
किसान ने लगाया करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप
पीलीभीत जिले के किसान झांझन लाल ने आरोप लगाया कि नवीन मंडी के उपाध्यक्ष प्रियांशु अग्रवाल ने किसानों के धान के करोड़ों रुपये हड़प लिए। किसान का दावा है कि करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं किया गया। जब उन्होंने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, तो उसे भी फर्जी तरीके से बंद कर दिया गया। किसान का कहना है कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद केवल विपक्ष से ही दिखाई दे रही है।
अपहरण और हत्या के मामले में भी न्याय अधूरा
वहीं रायबरेली जिले के थाना हरचंदपुर क्षेत्र के राजेश यादव ने बताया कि जून 2025 में उनके पुत्र का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। लेकिन पुलिस अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
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जनता दरबार और सिस्टम पर उठता सवाल
इन मामलों के बाद बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में जनता दरबार और IGRS पोर्टल की विश्वसनीयता खत्म होती जा रही है? क्या आम जनता को न्याय पाने के लिए अब भी राजनीतिक दरवाजों पर जाना पड़ेगा? फरियादियों का कहना है कि उन्हें अब भी अखिलेश यादव से इंसाफ की आखिरी उम्मीद बची है।