इन 6 लोगों ने एनसीआर की सड़कों से गायब कर दी 200 से ज्यादा गाड़ियां, खुलासा हुआ तो नोएडा पुलिस के उड़े होश

नोएडा के सेक्टर-39 थाना पुलिस ने चार पहिया वाहन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जो अब तक 200 से ज्यादा कारें चोरी कर चुके थे। चोरी में प्रोग्रामर और GPS हैमर का इस्तेमाल किया जाता था।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 5 February 2026, 1:17 PM IST

Noida: नोएडा में चार पहिया वाहन चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने इस गिरोह को दबोचकर लंबे समय से चल रहे चोरी के नेटवर्क पर बड़ी चोट की है। यह गिरोह नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में सक्रिय था और अब तक 200 से ज्यादा कारें चोरी कर चुका था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर चार चोरी की कारें भी बरामद की गई हैं।

टैक्सी बनती थी रेकी का हथियार

डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद के मुताबिक गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। चोरी से पहले इलाके की रेकी की जाती थी और इसके लिए सलेटी रंग की एक टैक्सी का इस्तेमाल होता था ताकि किसी को शक न हो। रात के समय चालक बदल-बदल कर गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में घूमते थे और यह देखते थे कि कहां वाहन चोरी करना आसान रहेगा। सही मौका मिलते ही पूरी टीम एक्टिव हो जाती थी।

प्रोग्रामर और GPS हैमर से पुलिस को चकमा

रेकी पूरी होने के बाद तय समय पर आरोपी मौके पर पहुंचते थे। रात के अंधेरे में प्रोग्रामर की मदद से कार का लॉक तोड़ा जाता था। चोरी के तुरंत बाद गाड़ी में जीपीएस हैमर लगा दिया जाता था, जिससे वाहन का जीपीएस सिस्टम बंद हो जाता था। इसी वजह से पुलिस को लोकेशन ट्रेस करने में भारी परेशानी होती थी और गिरोह लंबे समय तक पकड़ से बाहर रहा।

ऑन-डिमांड बिकती थी चोरी की कारें

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि चोरी की गई कारों को राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में ऑन-डिमांड बेचा जाता था। जो गाड़ियां नहीं बिक पाती थीं, उनके पुर्जे अलग कर दिए जाते थे। इन पुर्जों को दिल्ली के अलग-अलग ऑटो पार्ट्स बाजारों में खपाया जाता था। इससे मिलने वाली रकम को गिरोह के सभी सदस्य आपस में बांट लेते थे।

सरगना पर 14, साथी पर 38 मुकदमे

गिरफ्तार आरोपियों में संभल निवासी समीर उर्फ दाऊद उर्फ कुंजा और सलीम, दिल्ली निवासी आजाद और राजस्थान के जोधपुर निवासी मोहसिन व फैसल शामिल हैं। समीर गिरोह का सरगना है, जिसके खिलाफ दिल्ली और नोएडा में 14 मुकदमे दर्ज हैं। आजाद पर 38, सलीम पर 7 जबकि अन्य आरोपियों पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कम पढ़े-लिखे, लेकिन बेहद शातिर

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पांचवीं से नौवीं कक्षा तक पढ़े-लिखे हैं। इस बड़ी कार्रवाई के लिए सेक्टर-39 थाना पुलिस टीम को डीसीपी नोएडा ने 25 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।

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Published : 
  • 5 February 2026, 1:17 PM IST